फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Bar Council give Financial Help to Corona Affected Advocates

चंडीगढ़: कोरोना प्रभावित वकीलों का सहारा बनी बार काउंसिल, 2800 से अधिक वकीलों को दी 3.28 करोड़ रुपये की मदद

Mon, 19 Jul 2021 02:41 PM IST
निवेदिता वर्मा मोनिका नागर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
मोनिका नागर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 19 Jul 2021 02:41 PM IST
सार

बार काउंसिल ने मानक तय कर वकीलों को मदद दी है। इनमें वकील के पास पांच एकड़ से कम जमीन और खुद की गाड़ी न होना मुख्य आधार था। इसके अलावा परिवार का कोई भी सदस्य किसी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।  

विज्ञापन
Chandigarh Bar Council give Financial Help to Corona Affected Advocates
चंडीगढ़ में महिला को आर्थिक मदद देते बार काउंसिल के सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चंडीगढ़ में कोरोना के कारण वकीलों के सामने जब रोजी-रोटी का संकट आया तो बार कांउसिल उनके सामने मसीहा बनकर आई। काउंसिल ने पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के 2800 से अधिक वकीलों को 3.28 करोड़ रुपये की मदद की। कुछ को यह मदद चेक के रूप में दी गई तो कुछ को सीधे खातों में पैसे भेजे गए। वकीलों ने अपनी माली हालत के बारे में बार काउंसिल को अवगत कराया था।

विज्ञापन


बार काउंसिल ने मृतक वकीलों के परिवारों के अलावा आर्थिक संकट झेल रहे वकीलों और संक्रमण से पीड़ित वकीलों को सहायता दी। वकीलों को आर्थिक सहायता देने के मानक काउंसिल की ओर से तय किए गए थे। इनमें वकील के पास पांच एकड़ से कम जमीन और खुद की गाड़ी न होना मुख्य आधार था। इसके अलावा परिवार का कोई भी सदस्य किसी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। वकीलों की मदद के लिए बार काउंसिल को हरियाणा एडवोकेट फंड से 71.30 लाख मिले। इसके अलावा पंजाब एडवोकेट फंड से एक करोड़ रुपये मिले थे।
विज्ञापन


इस प्रकार वकीलों को अदा की राशि

  • आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों को 90.70 लाख रुपये बांटे
  • कोरोना से पीड़ित वकीलों को 11 लाख रुपये की सहायता दी
  • कोरोना से मरने वाले 55 वकीलों के परिवारों को 55 लाख रुपये की सहायता दी

केस नंबर- 1
फरीदाबाद के एक वरिष्ठ वकील अजय पराशर ने भी बार काउंसिल से सहायता मांगी थी। पहले उनकी पत्नी, फिर बेटा कोरोना संक्रमित हो गए, फिर एक-एक कर दोनों की मौत हो गई। इसके बाद बार कांउसिल ने खुद अजय पराशर की सहायता की।

विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर-2
जालंधर के एक वकील की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उनकी पत्नी और दो बेटियां बिल्कुल अकेली पड़ गईं। उनके पास आय का कोई साधन नहीं था। इसके बाद वकील की पत्नी रेनु (बदला हुआ नाम) ने ऑटो चलाकर अपनी बेटियों का खर्च उठाना शुरू किया। बार कांउसिल ने उनकी भी सहायता की।

केंद्र से मांगे हैं 100 करोड़ रुपये
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। भारत सरकार से सौ करोड़ रुपये की मांग की गई है। मैंने सरकार को एक पत्र लिखा है। इसके अलावा दिल्ली सरकार की तर्ज पर केंद्र से अस्पतालों में वकीलों की सीट रिजर्व रखने के लिए भी पत्र लिखा गया है। ताकि वकीलों को स्वास्थ्य सेवाओं का सही से लाभ मिल सके। -मिंदरजीत यादव, चेयरमैन, बार काउंसिल

पीड़ित वकीलों से तालमेल बनाकर की सहायता
आवेदन आने के बाद सभी पीड़ित वकीलों से तालमेल के बाद जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की गई। वकीलों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि वकालत एक ऐसा पेशा है, जिसमें वकीलों का जनता के साथ सीधा संपर्क होता है, इसलिए वकीलों की सहायता के लिए सरकार से मांग की जा रही है। - बलजिंदर सिंह, सचिव, बार काउंसिल


30 जुलाई के बाद ओर दी जाएगी राशि
हमने दूसरी लहर के बाद भी कोरोना से संक्रमित वकीलों के आवेदन मांगे हैं। अभी 30 जुलाई तक आवेदन की अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद मृतक वकीलों को एक लाख, कोरोना संक्रमण का अस्पताल में इलाज कराने वाले वकीलों को 50 हजार और एकांतवास में रहने वाले वकीलों को 20 हजार रुपये की राशि देकर सहायता की जाएगी। -प्रताप सिंह, सदस्य बार कांउसिल ऑफ इंडिया

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed