चंडीगढ़: प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित बोले- सुस्त अफसर हो जाएं चुस्त, नहीं तो मैं दिल्ली में शिकायत कर दूंगा
प्रशासक ने कहा कि शहरीकरण एक अंतहीन प्रक्रिया है। संसाधनों पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक स्थिरता समय की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन में पूरी तरह से क्रांति ला दी है।
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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने रविवार को कहा कि वह काफी समय से चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को देख रहे हैं। यहां के 90 फीसदी अफसर चुस्त लेकिन 10 फीसदी सुस्त हैं। सुस्त अफसरों को सुस्ती छोड़नी होगी वरना वो दिल्ली जाकर शिकायत कर देंगे। प्रशासक ने जिस समय ये बात कही, मंच पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। प्रशासक की इस बात पर शाह भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
प्रशासक ने कहा कि गुड गवर्नेंस स्थिरता, विकास और प्रगति की आधारशीला है। अधिकारी लोकहित को ध्यान में रखकर पूर्ण पारदर्शिता, जिम्मेदारी, जवाबदेही और न्यायसंगतता व समावेशिता के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रगतिशील भारत का एक आदर्श शहर है। हालांकि केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ पंजाब और हरियाणा की राजधानी भी है फिर भी सिटी ब्यूटीफुल ने अपनी अनूठी पहचान और प्रतिष्ठा को बनाए रखा है।
चंडीगढ़ ने अपने साथ लगते मोहाली और पंचकूला शहरों के साथ एक उत्कृष्ट ट्राइसिटी कोऑर्डिनेशन बनाकर रखा हुआ है। प्रशासक ने कहा कि स्मार्ट सिटी थीम के तहत चंडीगढ़ जीआईएस आधारित सिटी मैपिंग के लिए हवाई और मोबाइल दोनों तरह की लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीक का उपयोग करने वाला देश का पहला शहर है। अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क (सीसीटीएनएस) के प्रगति डैशबोर्ड पर भी सभी केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ को पहला स्थान मिला है। इसके अलावा धनास के पुलिस हाउसिंग कांप्लेक्स में 1560 घरों सहित हाईस्कूल, सामुदायिक केंद्र, शॉपिंग सेंटर आदि शामिल हैं।
पुरोहित बोले- अब सिग्नल नहीं तोड़ सकेंगे लोग
प्रशासक ने कहा कि शहरीकरण एक अंतहीन प्रक्रिया है। संसाधनों पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक स्थिरता समय की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन में पूरी तरह से क्रांति ला दी है। जैसे जैसे शहरीकरण में विस्तार होता जा रहा है, हम स्थिरता बढ़ाने और अपने नागरिकों की बेहतर तरीके से सेवा करने हेतु स्मार्ट तकनीकों को अपना रहे हैं। चंडीगढ़ में हर जगह एचडी कैमरे लग गए हैं और अब लोग सिग्नल को नहीं तोड़ सकेंगे क्योंकि उन पर हर समय कैमरे की निगरानी होगी।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए समय की मांग अनुसार ई-बीट, ई-साथी प्रणाली, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, मोबाइल ऐप जैसे नवीन तरीकों के साथ कानून और व्यवस्था के उच्च मानकों को बनाए रखा है। डीजल बसों को इलेक्ट्रिक में बदला जा रहा है। सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी और स्मार्ट सिटी के थीम पर काम कर रहा है और 2030 तक चंडीगढ़ को कार्बन मुक्त बनाने की योजना है।
निजी जिंदगी में भी रखें पारदर्शिता, किस क्लब में बैठे... ये भी पत्नी को बताएं
प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने धनास के पुलिस कांप्लेक्स में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पारदर्शिता बरतने की नसीहत दी। कहा कि पुलिसकर्मी निजी जिंदगी में भी पारदर्शिता बरतें। किस क्लब में बैठे हैं, किस टेबल पर बैठे हैं, ये भी पत्नी को बताएं। इससे जीवन आसान बन जाएगा।
प्रशासक ने अपनी जिंदगी की एक घटना का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि कानून सबके लिए एक समान होता है, चाहे कोई कितना भी बड़ा आदमी हो। उन्होंने कहा कि धनास में 336 फ्लैट का उद्घाटन फेज-1 व 2 के तहत किया गया है। इसके अलावा तीसरे फेज का शिलान्यास किया गया है, जिसका काम भी जल्दी से पूरा किया जाएगा।
यहां टाइप-2 से लेकर 5 तक के फ्लैट बनाए गए हैं, जबकि हरियाली का भी पूरा ध्यान रखा गया है। पुरोहित ने कहा कि ठेकेदारों की आलोचना भी होती है लेकिन इन मकानों की सुविधाओं से वह संतुष्ट हैं। उन्होंने अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि वह कई राज्यों में काम कर चुके हैं, जिसमें ज्यादातर चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी में बनती नहीं है लेकिन चंडीगढ़ में ऐसा नहीं है। सलाहकार और डीजीपी दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।