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प्रशासन ही देगा निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों की पेंशन
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चंडीगढ़। नगर निगम से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को प्रशासन ही पेंशन देगा। लगातार उठ रही मांग के बाद वीरवार को प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया। ज्ञात हो कि प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था। गृह मंत्रालय की ओर से जारी मानक के अनुसार जिस विभाग से जो कर्मचारी स्थानांतरित होकर आया है, उसे उसी विभाग से पेंशन दी जाएगी।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि निगम से पिछले साल इंजीनियरिंग विभाग के 74 कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के पांच कर्मचारी व एमओएच से 38 कर्मचारी रिटायर हुए थे। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी प्रशासन की ओर से निगम में स्थानांतरित होकर आए थे। वहीं अग्निशमन विभाग के कर्मचारी डीसी ऑफिस और एमओएच विभाग के कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आते हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी मानक के अनुसार इन कर्मचारियों को जिस विभाग से पेंशन मिलनी चाहिए, वहां पत्र लिखा गया था। सलाहकार की अध्यक्षता में इस संबंध में एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें तय हुआ कि जिस विभाग के अंतर्गत जो कर्मचारी आता है, उसे उसी विभाग से पेंशन मिलेगी। निगम से एक साथ 122 कर्मचारी रिटायर हुए थे। इस फैसले के बाद अब निगम को सिर्फ पांच कर्मचारियों को पेंशन देनी होगी, क्योंकि वह निगम के ही कर्मचारी है। वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम खबर नहीं है, क्योंकि इस मामले को लेकर निगम ने प्रशासन को काफी पहले पत्र लिख दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परेशान होना पड़ रहा था। कर्मचारी संगठन भी इसे लेकर प्रशासन के अधिकारियों से मिले थे।
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पुराने भुगतान के लिए भी लिखेंगे पत्र, निगम को सालाना 60 करोड़ का फायदा
निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन से निगम में आए जितने कर्मचारियों को अब तक निगम ने पेंशन दी है, उसके भुगतान के लिए भी निगम प्रशासन को पत्र लिखेगा। वहीं इस फैसले से निगम को सालाना 60 करोड़ रुपये का फायदा होगा। वहीं हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का भी निगम को लगभग 16 करोड़ रुपये बच गया है।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि निगम से पिछले साल इंजीनियरिंग विभाग के 74 कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के पांच कर्मचारी व एमओएच से 38 कर्मचारी रिटायर हुए थे। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी प्रशासन की ओर से निगम में स्थानांतरित होकर आए थे। वहीं अग्निशमन विभाग के कर्मचारी डीसी ऑफिस और एमओएच विभाग के कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आते हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी मानक के अनुसार इन कर्मचारियों को जिस विभाग से पेंशन मिलनी चाहिए, वहां पत्र लिखा गया था। सलाहकार की अध्यक्षता में इस संबंध में एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें तय हुआ कि जिस विभाग के अंतर्गत जो कर्मचारी आता है, उसे उसी विभाग से पेंशन मिलेगी। निगम से एक साथ 122 कर्मचारी रिटायर हुए थे। इस फैसले के बाद अब निगम को सिर्फ पांच कर्मचारियों को पेंशन देनी होगी, क्योंकि वह निगम के ही कर्मचारी है। वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम खबर नहीं है, क्योंकि इस मामले को लेकर निगम ने प्रशासन को काफी पहले पत्र लिख दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परेशान होना पड़ रहा था। कर्मचारी संगठन भी इसे लेकर प्रशासन के अधिकारियों से मिले थे।
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पुराने भुगतान के लिए भी लिखेंगे पत्र, निगम को सालाना 60 करोड़ का फायदा
निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन से निगम में आए जितने कर्मचारियों को अब तक निगम ने पेंशन दी है, उसके भुगतान के लिए भी निगम प्रशासन को पत्र लिखेगा। वहीं इस फैसले से निगम को सालाना 60 करोड़ रुपये का फायदा होगा। वहीं हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का भी निगम को लगभग 16 करोड़ रुपये बच गया है।
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