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पांच कॉलोनियों को राहत, हाईकोर्ट ने जबरन हटाए जाने पर लगाई रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Thu, 23 Jun 2016 10:07 PM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को शहर की पांच स्लम/लेबर कॉलोनियों को जबरन खाली कराने से रोक दिया है। अदालत का कहना है कि सिटी ब्यूटीफुल ‘ब्यूटीफुल’ नहीं रहेगा अगर इसे झुग्गीवासियों की सेवाएं नहीं मिल सकीं।
जस्टिस एम.जयपॉल और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच ने यह आदेश वीरवार को प्रवासी भलाई संगठन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। डिवीजन बेंच ने चंडीगढ़ प्रशासन, गृह सचिव और डीसी को 25 जुलाई के लिए नोटिस जारी करते हुए पांच स्लम/लेबर कॉलोनियों- कॉलोनी नंबर 4, संजय कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और सेक्टर-25 जनता कॉलोनी के झुग्गीवासियों को हटाने पर रोक लगा दी।
याचिकाकर्ता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका की पैरवी करते हुए सीनियर एडवोकेट एमएल सागर और एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने डिवीजन बेंच को बताया कि इन लेबर कॉलोनियों के निवासियों की सुरक्षा की जानी चाहिए। वे पिछले कई साल से इन कॉलोनियों में रह रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वह इन लेबर कालोनियों के निवासियों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना न हटाए।
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याचिकाकर्ता की ओर से यह मांग भी की गई कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा गत 25 अप्रैल और 29 अप्रैल को मलोया कॉलोनी और लाल बहादुर शास्त्री कॉलोनी में गिराई गई झुग्गियों के निवासियों को मुआवजा दिया जाए और उनके लिए चंडीगढ़ में कहीं भी वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया कि मलोया कॉलोनी और लाल बहादुर शास्त्री कॉलोनी में प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए झुग्गियां गिराने की कार्रवाई की। याचिका में इनपांच कॉलोनियों के बारे में कहा गया है कि इनमें लगभग 1500 परिवार रहते हैं और वे प्रशासन द्वारा बिना कोई नोटिस जारी किए उन्हें जबरन हटा दिए जाने और झुग्गियां गिराने की आशंका से डरे हुए हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रशासन ने अगर इन कॉलोनियों को गिराने की कार्रवाई की तो मानसून के इस मौसम में लोगों को लिए सिर छुपाने का कोई ठिकाना नहीं बचेगा।
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जस्टिस एम.जयपॉल और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच ने यह आदेश वीरवार को प्रवासी भलाई संगठन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। डिवीजन बेंच ने चंडीगढ़ प्रशासन, गृह सचिव और डीसी को 25 जुलाई के लिए नोटिस जारी करते हुए पांच स्लम/लेबर कॉलोनियों- कॉलोनी नंबर 4, संजय कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और सेक्टर-25 जनता कॉलोनी के झुग्गीवासियों को हटाने पर रोक लगा दी।
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याचिकाकर्ता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका की पैरवी करते हुए सीनियर एडवोकेट एमएल सागर और एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने डिवीजन बेंच को बताया कि इन लेबर कॉलोनियों के निवासियों की सुरक्षा की जानी चाहिए। वे पिछले कई साल से इन कॉलोनियों में रह रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वह इन लेबर कालोनियों के निवासियों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना न हटाए।
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याचिकाकर्ता की ओर से यह मांग भी की गई कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा गत 25 अप्रैल और 29 अप्रैल को मलोया कॉलोनी और लाल बहादुर शास्त्री कॉलोनी में गिराई गई झुग्गियों के निवासियों को मुआवजा दिया जाए और उनके लिए चंडीगढ़ में कहीं भी वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया कि मलोया कॉलोनी और लाल बहादुर शास्त्री कॉलोनी में प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए झुग्गियां गिराने की कार्रवाई की। याचिका में इनपांच कॉलोनियों के बारे में कहा गया है कि इनमें लगभग 1500 परिवार रहते हैं और वे प्रशासन द्वारा बिना कोई नोटिस जारी किए उन्हें जबरन हटा दिए जाने और झुग्गियां गिराने की आशंका से डरे हुए हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रशासन ने अगर इन कॉलोनियों को गिराने की कार्रवाई की तो मानसून के इस मौसम में लोगों को लिए सिर छुपाने का कोई ठिकाना नहीं बचेगा।