Chandigarh Airport News: चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की सीधी सड़क का खाका तैयार, पंजाब की जमीन के अधिग्रहण का इंतजार
फिलहाल चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की दूरी करीब 11 किलोमीटर है। पहला वैकल्पिक मार्ग बनने से दूरी मात्र 2.85 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं दूसरा वैकल्पिक मार्ग बना तो यह दूरी 3.32 किलोमीटर रह जाएगी।
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चंडीगढ़ को सीधा एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए सेक्टर 48 से एयरपोर्ट तक वैकल्पिक मार्ग का रूट तैयार कर चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे जुड़ी अपनी रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंप दी है। प्रशासन ने कहा कि इस मार्ग में पंजाब का कुछ हिस्सा पड़ता है जिसका अधिग्रहण जरूरी है। इस पर हाईकोर्ट ने सभी हितधारकों को बैठक कर कार्य को जल्द निपटाने के आदेश दिए हैं।
याचिका पर सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पूछा कि एयरपोर्ट पर कैट-2 सुविधा को लेकर क्या कदम उठाया गया है। इसके जवाब में केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि इसको लेकर वायुसेना अध्यक्ष के समक्ष वित्तीय पक्ष विचाराधीन है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कैट-2 सुविधा पर आने वाले खर्च और अन्य विषयों को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
इससे पहले हाईकोर्ट को बताया गया था कि तत्कालीन चीफ और डिफेंस स्टाफ के साथ हुई बैठक में इस एयरपोर्ट पर कैट-3 लगाने से इनकार किया गया और जल्द से जल्द से कैट-2 को अपग्रेड करना तय किया गया था। इसके बाद यूटी प्रशासन से पूछा गया कि चंडीगढ़ से सीधा एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में क्या किया गया है। इस पर यूटी प्रशासन ने बताया कि सेक्टर 48 से आरंभ होकर एयरपोर्ट जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने हेतु रूट तैयार किया गया है। इस रूट के इस्तेमाल से शहर से एयरपोर्ट की दूरी बेहद कम हो जाएगी। हालांकि इस रूट का कुछ हिस्सा पंजाब से होकर गुजरेगा। ऐसे में पंजाब में पड़ने वाली भूमि का अधिग्रहण जरूरी है।
चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में ले लिया है। इसके साथ ही चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार, पंजाब के राजस्व सचिव, वायु सेना के कमांडिंग ऑफिसर और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट (चैल) के सीईओ को बैठक कर जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करने का आदेश दिया है।
11 किलोमीटर की दूरी घट कर रह जाएगी 2.85 किलोमीटर
यूटी प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि वर्तमान में चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की दूरी करीब 11 किलोमीटर पड़ती है। प्रशासन द्वारा दो सर्वे करवाए गए हैं और इन सर्वे के आधार पर ही वैकल्पिक मार्ग को अंतिम रूप दिया जाएगा। सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल अनिल मेहता ने बताया कि जहां वर्तमान मार्ग की बात की जाए तो शहर से एयरपोर्ट के लिए 11 किलोमीटर दूरी पड़ती है, वहीं वैकल्पिक मार्ग (1) तैयार होने के यह दूरी मात्र 2.85 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं वैकल्पिक मार्ग (2) को सिरे चढ़ाया जाता है तो यह दूरी 3.32 किलोमीटर रह जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों के लिए एयरपोर्ट पहुंचने में कम समय लगेगा। इसके साथ ही लोगों को इस सफर के लिए कम पैसा चुकाना होगा।