नया कदम: चंडीगढ़ में दो साल बाद पेट्रोल मोटरसाइकिल हो जाएंगी बंद, सिर्फ EV का ही होगा पंजीकरण
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित की तरफ से नीति को मंजूरी देने के बाद प्रशासन ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी। सलाहकार धर्मपाल ने नीति के फायदे गिनाए और कहा कि पहले पांच वर्ष के लिए ये नीति बनाई गई है।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति की अधिसूचना जारी कर दी है। नीति में पांच वर्षों के लिए लक्ष्य तय किया गया है। दो साल में पेट्रोल मोटरसाइकिल बंद हो जाएंगी। सिर्फ ई-बाइकों का ही पंजीकरण होगा। पांच वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कारों को भी आधा करने की तैयारी है। नया ई-वाहन खरीदने पर लोगों को तीन हजार से लेकर दो लाख तक का इंसेंटिव भी मिलेगा।
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित की तरफ से नीति को मंजूरी देने के बाद प्रशासन ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी। सलाहकार धर्मपाल ने नीति के फायदे गिनाए और कहा कि पहले पांच वर्ष के लिए ये नीति बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए कई तरह के इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है, जिसमें ई-साइकिल, ई-टू व्हीलर, ई-कार्ट, ई-ऑटो और ई-फोर व्हीलर शामिल हैं।
कहा कि साल दर साल पेट्रोल-डीजल के वाहनों की संख्या को घटाया जाएगा। तय कर दिया गया है कि प्रति वर्ष एक तय प्रतिशत में ही डीजल-पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण होगा, उसके बाद सिर्फ ईवी का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से फेम-2 स्कीम से भी अधिक इंसेंटिव शहर में दिया जा रहा है। ये केवल चंडीगढ़ में पंजीकृत होने वाले वाहनों को ही मिलेगी।
हर सेक्टर में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अभी तक ईवी पर इंसेंटिव देने की अधिकतम सीमा 75 हजार रुपये थी, इसे बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है। कॉमर्शियल वाहनों पर अधिकतम इंसेंटिव दो लाख रुपये मिलेगा।
जिनके घर में चार ईवी, लगवाना होगा चार्जिंग स्टेशन
बिल्डिंग बायलॉज में भी संशोधन किया जाएगा, ताकि नई इमारतों में चार्जिंग स्टेशन के लिए घर की पार्किंग की 20 फीसदी जगह आरक्षित हो। नीति के अनुसार जिसके घर में चार ईवी होंगे, उन्हें अनिवार्य रूप में चार्जिंग स्टेशन लगवाना होगा। इसके लिए भी लोगों को इंसेंटिव दिया जाएगा। पहले 30 हजार चार्जिंग प्वाइंट्स के लिए 6000 रुपये की छूट मिलेगी।
पंजीकरण के बाद कर सकेंगे आवेदन, 15 दिन में खाते में होगा पैसा
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि ईवी खरीदने के बाद लोगों को सबसे पहले उसे आरएलए में पंजीकरण कराना होगा। उसके बाद नीति के तहत इंसेंटिव पाने के लिए उन्हें सेक्टर-19 स्थित पर्यावरण विभाग या विभाग की वेबसाइट से एक फॉर्म डाउनलोड करना होगा। फॉर्म को भरकर पर्यावरण विभाग में जाकर जमा कराना होगा। फिलहाल ये व्यवस्था ऑफलाइन है लेकिन इसे जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके लिए एक वेबसाइट बनाई जा रही है। आवेदन करने के 15 दिन के अंदर लोगों के खाते में पैसा पहुंच जाएगा।
यहां बन गए हैं चार्जिंग स्टेशन
घर से बाहर ईवी को चार्ज करने के लिए प्रशासन पूरे शहर में 100 चार्जिंग स्टेशन बनाएगा। योजना के अनुसार सभी पार्किंग में एक-एक चार्जिंग स्टेशन होगा। वर्तमान में सेक्टर-19 के कम्युनिटी हॉल पार्किंग एरिया, सेक्टर-24ए में पब्लिक पार्किंग एरिया, सेक्टर-50 के बिजनेस कॉलेज, सेक्टर-42 के पॉम गार्डन, सारंगपुर के बोटेनिकल गार्डन, सेक्टर-31ए के जैपनीज गार्डन में दो और सेक्टर-42 की लेक पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। दावा किया गया है कि साल के अंत तक 44 जगहों पर स्टेशन बना दिए जाएंगे।
तीन हजार से दो लाख तक का मिलेगा इंसेंटिव
- गाड़ी वर्ग इंसेंटिव अधिकतम इंसेंटिव शर्त
- ई-साइकिल कुल कीमत का 25 फीसदी 3000 रुपये पहले 25000 साइकिलों को ही मिलेगा लाभ
- ई-टू व्हीलर फिक्स बैटरी: 5000 रुपये/केडब्ल्यूएच 30 हजार पहले 10 हजार
- स्वाइपेबल बैटरी: 3000 रुपये/केडब्ल्यूएच 15 हजार
- ई-ऑटो फिक्स बैटरी: 5000 रुपये/केडब्ल्यूएच 30 हजार पहले एक हजार
- स्वाइपेबल बैटरी: 3000 रुपये/केडब्ल्यूएच 15 हजार
- 4-व्हीलर (निजी) फिक्स बैटरी: 5000 रुपये/केडब्ल्यूएच 1.5 लाख रुपये पहली दो हजार (कीमत अधिकतम 20 लाख)
- 4-व्हीलर (व्यावसायिक) फिक्स बैटरी: 10000 रुपये/केडब्ल्यूएच 2 लाख रुपये पहले एक हजार
ईवी चार्ज करने के लिए ये आएगा खर्च
- सामान्य चार्जिंग: 8 रुपये प्रति यूनिट
- फास्ट चार्जिंग: 10 रुपये प्रति यूनिट
- बैटरी स्वाइपेबल:11 रुपये प्रति यूनिट