Chandigarh: प्रशासन का दावा-151 दिन बाद कोरोना से तीन मौत हुई, सच्चाई-तीन और मरीजों की भी जान गई
कोरोना से हुई मौतों में किए गए घालमेल के सामने आने के डर से स्वास्थ्य विभाग ने 10 दिसंबर 2021 को आंकड़ों की हेराफेरी कबूली थी। उस दौरान रिकॉर्ड में चल रहे 820 मौतों की संख्या को गलत बताते हुए उसमें 256 मौतें और जोड़े जाने की पुष्टि की थी।
विस्तार
कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ों में एक बार फिर चंडीगढ़ प्रशासन खेल करने की जुगत में लगा हुआ है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर में कोरोना हो रही मौतों की पुष्टि नहीं की जा रही है जबकि कोरोना संक्रमित मृतकों के शव का लगातार श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि मामले की जानकारी देने पर भी जिम्मेदार अधिकारी इसे मानने से इनकार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 151 दिन बाद 26, 27 और 28 जुलाई को शहर में कोरोना से तीन मौतें ही हुई हैं जबकि साक्ष्य सच्चाई बयां कर रहे हैं कि अब तक इनके अलावा तीन और मौतें हो चुकी हैं।
सेवा समिति के सेवादार मदनलाल वशिष्ठ ने बताया कि वे खुद कोरोना संक्रमित तीन लावारिस शव का अंतिम संस्कार करवा चुके हैं। इसमें एक मरीज जीएमसीएच-32 और दो मरीज जीएमएसएच-16 के थे। उन्होंने उन तीनों मरीजों का अंतिम संस्कार सेक्टर- 25 में कोरोना मानकों का पालन करते हुए एलपीजी पर करवाया। मदन लाल का कहना है कि कोरोना से हो रही मौतों का आंकड़ा लगातार छुपाया जा रहा है।
केस 1
सेक्टर-26 में 5 जुलाई को 40 साल का एक लावारिस मरीज मिला जिसे पुलिस ने जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया। लक्षणों के आधार पर उस मरीज का कोविड टेस्ट किया गया। इस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इलाज के दौरान 12 जुलाई को उसकी मौत हो गई उस मरीज का सीआर नंबर-220702532 है। कोरोना संक्रमित मरीज की मौत की सूचना स्वास्थ्य विभाग ने अब तक जारी नहीं की है।
केस 2
सेक्टर-61 में 17 अप्रैल को 50 वर्षीय अज्ञात को विक्षिप्त अवस्था में मिलने पर पुलिस ने उसे जीएमएसएच-16 में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद उसकी कोरोना जांच की गई जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। उस मरीज का सीआर नंबर-2022012209 है। शहर में कोविड-19 के मौतों में स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इसे भी शामिल नहीं किया।
केस 3
मलोया से 65 साल के एक लावारिस को पुलिस ने 18 जुलाई को जीएमएसएच-16 में भर्ती कराया जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। मौत के बाद की गई कोविड-19 टेस्ट में उसमें भी संक्रमण की पुष्टि हुई है लेकिन इसे भी स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़ों में अब तक शामिल नहीं कर पाया है। इस मरीज का सीआर नंबर- 2022025609 है।
पहले भी मौतों की संख्या में किया था हेरफेर
कोरोना से हुई मौतों में किए गए घालमेल के सामने आने के डर से स्वास्थ्य विभाग ने 10 दिसंबर 2021 को आंकड़ों की हेराफेरी कबूली थी। उस दौरान रिकॉर्ड में चल रहे 820 मौतों की संख्या को गलत बताते हुए उसमें 256 मौतें और जोड़े जाने की पुष्टि की थी। इसके बाद मृतकों का आंकड़ा 1076 पर पहुंच गया था। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग की इस आंकड़ेबाजी को 13 मई 2021 को अमर उजाला ने उजागर किया था। उस दौरान प्रशासन ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया था, ठीक उसी तरह अमर उजाला ने श्मशान घाट पर जलीं चिताओं को देखकर लिखा था, पर विभाग मानने को तैयार नहीं था।
कोरोना संक्रमित जिस भी मरीज की मौत होती है उसे बुलेटिन में शामिल किया जाता है। जिन लावारिस मरीजों की कोविड से मौत की बात की जा रही है उस संबंध में मुझे कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। - डॉ. वीके नागपाल, कार्यवाहक स्वास्थ्य निदेशक