चंडीगढ़: शराब और बिजली के बाद अब पेट्रोल-डीजल पर भी लग सकता है ईवी सेस, फिलहाल प्रशासन कर रहा समीक्षा
यूटी प्रशासन ने 11 फरवरी को इलेक्ट्रिक वाहन नीति का ड्राफ्ट जारी किया था और लोगों से सुझाव मांगे थे। इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया था कि एक अप्रैल को नीति को लागू कर दिया जाएगा।
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चंडीगढ़ में प्रशासन अब शराब और बिजली के बिल पर सेस लगाने के बाद पेट्रोल-डीजल पर भी ईवी सेस लगाने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम मोहाली और पंचकूला के बराबर हो जाएंगे। पड़ोसी राज्य पंजाब व हरियाणा में पेट्रोल-डीजल के दाम अब चंडीगढ़ से कुछ ही रुपये कम हैं।
यूटी प्रशासन ने 11 फरवरी को इलेक्ट्रिक वाहन नीति का ड्राफ्ट जारी किया था और लोगों से सुझाव मांगे थे। इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया था कि एक अप्रैल को नीति को लागू कर दिया जाएगा। इस नीति के ड्राफ्ट में कहा गया था कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ईवी के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए एक यूटी ईवी फंड बनाया जाएगा। बिजली के बिल, पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर सेस लगाकर फंड में राशि जमा की जाएगी। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर भी ये सेस लगाने की तैयारी है ताकि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके।
इसके लिए प्रशासन की तरफ से पूरी योजना बना ली गई थी लेकिन बीते दिनों पेट्रोल-डीजल के अचानक बढ़े दाम के बाद प्रशासन ने हाथ पीछे खींच लिया क्योंकि शहर के साथ देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं। अगर प्रशासन ने बढ़ते दामों पर अलग से ईवी सेस भी लगा दिया तो लोगों पर बोझ और बढ़ जाएगा। लोग भी विरोध कर सकते हैं। हालांकि पेट्रोल-डीजल पर सेस कितना होना चाहिए, ये चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) द्वारा अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
पहले ही कई तरह के टैक्स और सेस चुका रहे हैं शहरवासी
महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली और पानी के बिल में कई तरह के टैक्स लगाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सिर्फ बिजली के बिल पर खपत चार्जेज के अलावा कुल छह तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, पानी के बिल में गारबेज चार्ज से लोग परेशान हैं। सस्ती बिजली का हवाला देकर बिजली बिल पर नगर निगम (एमसी) टैक्स, काऊ सेस, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जैसे कई टैक्स व सेस वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2020 में कोरोना आया तो पहली लहर के बाद यूटी प्रशासन ने कोविड सेस लागू किया, जो 31 दिसंबर 2021 तक लागू रहा। इस दौरान करीब 26 करोड़ रुपये की कमाई कोविड सेस से हुई थी।
पेट्रोल-डीजल पर ईवी सेस लगाने की तैयारी थी, लेकिन अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन समीक्षा कर रहा है कि क्या किया जाए। अगर पेट्रोल-डीजल पर सेस नहीं लगाते हैं तो वो पैसा कहां से आएगा, इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। हालांकि अगर सेस लगाने की जरूरत भी पड़ी तो चंडीगढ़ में दाम मोहाली-पंचकूला से नीचे ही रहेंगे। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक