Chandigarh: अब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 को बसाने की तैयारी में प्रशासन, प्लॉटों की नीलामी करेगा एस्टेट ऑफिस
असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर हरजीत सिंह संधू ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में वह औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाना चाहते हैं। यही कारण है कि यहां के प्लॉटों की भी नीलामी करने जा रहे हैं।
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कई वर्षों बाद चंडीगढ़ प्रशासन अब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 को बसाने की कोशिश में लग गया है। उद्योग विभाग के आग्रह पर एस्टेट ऑफिस जल्द इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में कुछ प्लॉट्स की नीलामी करने जा रहा है। विभाग के अनुसार एक दो दिन में नीलामी के बारे में नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ये नीलामी फ्री होल्ड पर होगी। इसके लिए एस्टेट ऑफिस इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के प्लॉटों की सूची तैयार कर रहा है। असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर हरजीत सिंह संधू ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में वह औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाना चाहते हैं। यही कारण है कि यहां के प्लॉटों की भी नीलामी करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे शहर में नई इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि रायपुरकलां में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के लिए 153 एकड़ की जमीन खाली है। विभाग ने पहले भी कई बार प्लॉट्स की नीलामी के प्रयास किए हैं लेकिन लीज होल्ड होने की वजह से लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। विभाग को उम्मीद है कि फ्री होल्ड होने की वजह से इस बार काफी संख्या में लोग नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
776.14 एकड़ में फैला है इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1
शहर में उद्योगों के लिए तीन इंडस्ट्रियल एरिया तय किए गए थे। इसमें फेज-एक को 776.14 एकड़ में विकसित किया गया है। फेज-दो को 486 एकड़ में विकसित किया गया है। यूटी प्रशासन के उद्योग विभाग के अनुसार फेज-1और दो को पूरी तरह से विकसित कर लिया गया है। फेज-3 को 153 एकड़ में बसाया जाना बाकी है। दोनों फेज में 1966 प्लॉट हैं। 5 मरला से लेकर 1 कनाल तक के क्षेत्र में छोटे प्लॉट फेज-एक में सबसे ज्यादा है जबकि फेज-2 में सभी छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट हैं। यहां भी कोई बड़ा उद्योग नहीं है।
चार महीने पहले हुई थी नीलामी, दोगुने दाम पर बिकी थीं संपत्तियां
मार्च माह में एस्टेट ऑफिस ने फ्री होल्ड पर आठ आवासीय संपत्तियों की नीलामी की थी। इसमें विभाग अपने सभी प्लॉट को बेचने में सफल रहा था जिससे उसे 37.5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि इन संपत्तियों का कुल आरक्षित मूल्य 18 करोड़ रुपये के करीब था। विभाग को आरक्षित मूल्य से 108 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ये राजस्व प्राप्त हुआ था। नीलामी में सेक्टर-40बी के एक आवासीय प्लॉट का आरक्षित 3.71 करोड़ रुपये के करीब था।