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चंडीगढ़ प्रशासन फेल : सरकारी योजनाओं से नहीं पैदा कर पा रहे रोजगार

Tue, 16 Mar 2021 07:58 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 07:58 PM IST
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Chandigarh administration failed: Government schemes are unable to generate employment
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन विभिन्न सरकारी योजनाओं से रोजगार सृजित करने में फेल साबित हो रहा है। विभिन्न योजनाओं के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल से शहर में रोजगार कम होते जा रहे हैं। इन योजनाओं पर करोड़ों खर्च किए गए, लेकिन नतीजे हैरान करने वाले हैं।
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रोजगार सृजन के लिए केंद्र सरकार की कई योजनाएं चंडीगढ़ में लागू की गई हैं। इनमें से प्रमुख दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) समेत कौशल विकास योजना व अन्य हैं। पीएमईजीपी के जरिए साल 2016-17 में 376 युवाओं को रोजगार मिला था। साल 2017-18 में 360, साल 2018-19 में 224, साल 2019-20 में 112 और साल 2020-21 में सिर्फ 32 युवाओं को रोजगार मिला।
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इसी तरह डीएवाई-एनयूएलएम के जरिए साल 2017-18 में शहर के 163 युवाओं को रोजगार मिला था। साल 2018-19 में यह संख्या बढ़कर 504 हो गई। साल 2019-20 में 488, लेकिन 2020-21 में सिर्फ सात ही युवाओं को रोजगार मिला। हालांकि, इन योजनाओं पर करोड़ों भी खर्च हुए हैं। कौशल विकास योजना के तहत अब तक शहर में 19,657 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इस पर करीब 6.16 करोड़ खर्च किए गए हैं, लेकिन रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या करीब 3100 है। प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि कोविड की वजह से विभिन्न योजनाओं पर असर पड़ा है। कई महीने तक प्रशिक्षण संस्थाएं बंद रहीं, लेकिन अब धीरे-धीरे यह रफ्तार पकड़ रही हैं।
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