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घर बैठे पता चलेगा बिल्डिंग वॉयलेशन का, देखिए ये तकनीक बड़ी कारगर है
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 May 2017 04:17 PM IST
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बिल्डिंग वॉयलेशन
- फोटो : अमर उजाला
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अब घर बैठे ही लोगों को बिल्डिंग वॉयलेशन से संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए एक खास तकनीक पर काम किया जा रहा है। लिडार तकनीक यह बताने में भी कारगार साबित होगी कि शहर के किस हिस्से में अवैध निर्माण हो रहा है, कहां अंडरग्राउंड केबल वायर, रोड, स्ट्रीट लाइट है।। लिडार तकनीक से बिजली और पानी की समस्याओं की भी जानकारी मिलेगी। चंडीगढ़ प्रशासन पूरे शहर का लिडार सर्वे कराने जा रहा है।
यह तकनीक शहर की प्रॉपर्टी को आधार से लिंक करने में भी मददगार होगी। इसे लेकर यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने तकनीकी बीड के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें हैदराबाद की दो कंपनी जेईईकेएनओ टेक्नोलॉजी और एआईसीई कंपनी शामिल हैं। हाईपावर कमेटी की मंजूरी मिलते ही इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से फाइनेंशियल बीड खोली जाएगी। नाम फाइनल होने के बाद संबंधित कंपनी को लिडार सर्वे के लिए चार माह का समय दिया जाएगा।
क्या है लिडार सर्वे
सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि लिडार अथवा लेजर अवरक्त रडार सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी है। जो दूरी के मापने के लिए लक्ष्य पर लेजर प्रकाश भेजता है और परावर्तित प्रकाश का विश्लेषण करता है। ओझा ने बताया कि लिडार सर्वे के जरिए 10 सेंटीमीटर तक किसी भी वस्तु या भवन पर लेजर के जरिए मैप तैयार किया जा सक ता है।
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लिडार सर्वे का फायदा
प्रॉपर्टी टैक्स पता करने में भी सहायक
स्मार्ट सिटी के लिहाज से लिडार सर्वे बेहद जरूरी
बिजली, पानी और सीवरेज की पाइपलाइन बतानें में करेगा मदद
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यह तकनीक शहर की प्रॉपर्टी को आधार से लिंक करने में भी मददगार होगी। इसे लेकर यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने तकनीकी बीड के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें हैदराबाद की दो कंपनी जेईईकेएनओ टेक्नोलॉजी और एआईसीई कंपनी शामिल हैं। हाईपावर कमेटी की मंजूरी मिलते ही इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से फाइनेंशियल बीड खोली जाएगी। नाम फाइनल होने के बाद संबंधित कंपनी को लिडार सर्वे के लिए चार माह का समय दिया जाएगा।
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क्या है लिडार सर्वे
सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि लिडार अथवा लेजर अवरक्त रडार सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी है। जो दूरी के मापने के लिए लक्ष्य पर लेजर प्रकाश भेजता है और परावर्तित प्रकाश का विश्लेषण करता है। ओझा ने बताया कि लिडार सर्वे के जरिए 10 सेंटीमीटर तक किसी भी वस्तु या भवन पर लेजर के जरिए मैप तैयार किया जा सक ता है।
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लिडार सर्वे का फायदा
प्रॉपर्टी टैक्स पता करने में भी सहायक
स्मार्ट सिटी के लिहाज से लिडार सर्वे बेहद जरूरी
बिजली, पानी और सीवरेज की पाइपलाइन बतानें में करेगा मदद