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Chandigarh: ओला-उबर की तरह अपना एप बनाएगा चंडीगढ़ प्रशासन, परिवहन विभाग ने तैयार किया खाका
Fri, 16 Jun 2023 04:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 16 Jun 2023 04:03 PM IST
सार
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग बिजनेस नहीं कर सकता, लेकिन एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा सकता है, जहां सभी को इंटीग्रेट किया जा सके। दिल्ली में एक कंपीटीशन कराया गया था, जिसे एक निजी कार कंपनी ने प्रायोजित किया था।
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विस्तार
मोबाइल एप आधारित टैक्सी-कैब बुकिंग कंपनियां चंडीगढ़ की लाइफलाइन बन चुकी हैं, लेकिन चंडीगढ़ में यह कंपनियां प्रशासन के नियमों को नहीं मान रहीं। अदालत से भी प्रशासन को राहत नहीं मिल रही इसलिए अब प्रशासन ने फैसला किया है वह खुद ओला-उबर की तरह ही अपनी बुकिंग एप बनाएगा। इसके माध्यम से कैब-टैक्सी, ऑटो के अलावा लोग ई-रिक्शा भी बुक कर सकेंगे।
परिवहन विभाग और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की तरफ से इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। दरअसल, प्रशासन की तरफ से एक प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जहां पर कैब-टैक्सी, ऑटो आदि और लोगों को साथ लाने की कोशिश की जाएगी। दिल्ली में इस तरह की एक परियोजना चल रही है, जिसका प्रशासन के अधिकारियों ने डेमो भी देखा है।
यह भी पढ़ें: Amritsar: ज्ञानी रघुबीर सिंह बने श्री अकाल तख्त साहिब के नए जत्थेदार, ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पद छोड़ा
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प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग बिजनेस नहीं कर सकता, लेकिन एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा सकता है, जहां सभी को इंटीग्रेट किया जा सके। दिल्ली में एक कंपीटीशन कराया गया था, जिसे एक निजी कार कंपनी ने प्रायोजित किया था। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही प्लेटफॉर्म विकसित करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए विभाग की तरफ से जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा।
ऐसे काम करेगा मोबाइल एप
विभाग की योजना के अनुसार, यह मोबाइल एप काफी एडवांस होगा। टेंडर में सभी टेक कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करके देंगी, जिस पर सीटीयू की बसें भी इंटीग्रेटेड होंगी। लोग न सिर्फ कैब, टैक्सी, ऑटो आदि को बुक कर सकेंगे, बल्कि वो एक जगह से दूसरे जगह तक जाने के लिए टैक्सी के अलावा अन्य विकल्पों को भी देख सकेंगे और किराये का अनुमान भी एप से ही लगाया जा सकेगा। विभाग की यह भी कोशिश है कि स्मार्ट साइकिलों को भी इंटीग्रेट किया जाए।
प्लेटफार्म से जुड़ने के लिए देना होगा सदस्यता शुल्क
विभाग जिस मॉडल पर काम कर रहा है, उसके अनुसार कैब चालकों को इस प्लेटफार्म से जुड़ने के लिए सदस्यता शुल्क देना होगा। हालांकि इसके बाद उन्हें किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा। बताया जा रहा है कि प्रति राइड पर कमीशन भी नहीं वसूला जाएगा। विभाग के प्लेटफॉर्म पर चालकों और लोगों को फायदा होगा तो धीरे-धीरे सभी चालक इसका इस्तेमाल करने लगेंगे। हालांकि इसके लागू होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि विभाग अभी टेंडर करने की तैयारी में है। मोबाइल एप बनने में अभी समय लग सकता है।
प्रशासन की खुद की एप से ये फायदे होंगे
एक ऐसा प्लेफॉर्म बनाने की तैयारी की जा रही है, जिस पर टैक्सी-कैब, ऑटो आदि को लाया जा सके। इसके लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है और जल्द ही टेंडर किया जाएगा। -नितिन यादव, सचिव, परिवहन व गृह विभाग
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परिवहन विभाग और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की तरफ से इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। दरअसल, प्रशासन की तरफ से एक प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जहां पर कैब-टैक्सी, ऑटो आदि और लोगों को साथ लाने की कोशिश की जाएगी। दिल्ली में इस तरह की एक परियोजना चल रही है, जिसका प्रशासन के अधिकारियों ने डेमो भी देखा है।
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प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग बिजनेस नहीं कर सकता, लेकिन एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा सकता है, जहां सभी को इंटीग्रेट किया जा सके। दिल्ली में एक कंपीटीशन कराया गया था, जिसे एक निजी कार कंपनी ने प्रायोजित किया था। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही प्लेटफॉर्म विकसित करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए विभाग की तरफ से जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा।
ऐसे काम करेगा मोबाइल एप
विभाग की योजना के अनुसार, यह मोबाइल एप काफी एडवांस होगा। टेंडर में सभी टेक कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करके देंगी, जिस पर सीटीयू की बसें भी इंटीग्रेटेड होंगी। लोग न सिर्फ कैब, टैक्सी, ऑटो आदि को बुक कर सकेंगे, बल्कि वो एक जगह से दूसरे जगह तक जाने के लिए टैक्सी के अलावा अन्य विकल्पों को भी देख सकेंगे और किराये का अनुमान भी एप से ही लगाया जा सकेगा। विभाग की यह भी कोशिश है कि स्मार्ट साइकिलों को भी इंटीग्रेट किया जाए।
प्लेटफार्म से जुड़ने के लिए देना होगा सदस्यता शुल्क
विभाग जिस मॉडल पर काम कर रहा है, उसके अनुसार कैब चालकों को इस प्लेटफार्म से जुड़ने के लिए सदस्यता शुल्क देना होगा। हालांकि इसके बाद उन्हें किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा। बताया जा रहा है कि प्रति राइड पर कमीशन भी नहीं वसूला जाएगा। विभाग के प्लेटफॉर्म पर चालकों और लोगों को फायदा होगा तो धीरे-धीरे सभी चालक इसका इस्तेमाल करने लगेंगे। हालांकि इसके लागू होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि विभाग अभी टेंडर करने की तैयारी में है। मोबाइल एप बनने में अभी समय लग सकता है।
प्रशासन की खुद की एप से ये फायदे होंगे
- प्रशासन की तरफ से तय किए गए किराए को लागू किया जा सकेगा
- निजी कंपनियों की तरफ से कैब चालकों का शोषण खत्म होगा
- कंपनियों की तरफ से 30 फीसदी लिया जाने वाला कमीशन बंद होगा
- रात, बारिश या किसी भी विपरीत परिस्थिति में लोगों की होने वाली लूट बंद होगी विभाग के पास लोगों के सफर करने से जुड़ा सभी तरह का डाटा होगा
- विभाग को पता चलेगा कि कहां सीटीयू की बस को बढ़ाने या घटाने की जरूरत है
एक ऐसा प्लेफॉर्म बनाने की तैयारी की जा रही है, जिस पर टैक्सी-कैब, ऑटो आदि को लाया जा सके। इसके लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है और जल्द ही टेंडर किया जाएगा। -नितिन यादव, सचिव, परिवहन व गृह विभाग