फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Administration Changed his Decision in Favour of Sikh Girls, Helmet Issue

चंडीगढ़ प्रशासन ने पलटा अपना फैसला और सिख महिलाओं को दे दी बहुत बड़ी राहत, यहां पढ़ें

Tue, 04 Dec 2018 11:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Dec 2018 11:08 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Administration Changed his Decision in Favour of Sikh Girls, Helmet Issue
हेल्मेट - फोटो : amar ujala
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश को मानना यूटी प्रशासन के लिए मजबूरी बन गया है। यही वजह है कि प्रशासन ने जुलाई 2018 में जारी अपने फैसले को पलट दिया। और सिख महिलाओं के हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। बीते 11 अक्तूबर को मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एमएचए) ने प्रशासन के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें शहर के सभी महिला एवं पुरुषों को हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया था। इस मामले में प्रशासन ने फजीहत से बचने के लिए जनमत का सहारा लिया। अब जनमत आने के बाद सिख महिलाओं के हेमलेट पहनने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इसके लिए बाकायदा प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर यूटी प्रशासन ने सोमवार को दोबारा नोटिफिकेशन जारी किया है।
विज्ञापन


बादल के अनुरोध पर लिया गया निर्णय
सिख महिलाओं के हेलमेट पहनने के मुद्दे को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अक्तूबर महीने में नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किया है। इस मसले पर शिअद की ओर से बताया गया था कि बादल को गृहमंत्री ने भरोसा दिया है कि जुलाई 2018 में चंडीगढ़ में जारी सिख महिलाओं के लिए हेलमेट को आवश्यक बनाने वाले नोटिफिकेशन को वापस लिया जाएगा। उन्हें पहले की तरह दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने से छूट दी जाएगी।
विज्ञापन


ऐेसे मिली है सिख महिलाओं को छूट  
दिल्ली परिवहन विभाग ने चार जून 1999 को जारी अधिसूचना के जरिये दिल्ली मोटर वाहन अधिनियम 1993 के नियम 115 में संशोधन करते हुए महिलाओं के लिए दोपहिया वाहन चलाते या सवारी करते हुए सुरक्षात्मक हेडगियर (सिर को सुरक्षित रखने वाला उपकरण) पहनने को वैकल्पिक बना दिया था। 28 अगस्त, 2014 में जारी अधिसूचना के जरिये नियम में और संशोधन किया गया ताकि दिल्ली मोटर वाहन नियम 1993 के उप नियम 115 में महिला शब्द की जगह सिख महिला शब्द डाला जाए, जिसके चलते सिख महिलाओं को हेलमेट पहनने से छूट मिल गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला
जुलाई 2018 में प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी महिलाओं के लिए टू व्हीलर ड्राइव करते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया था। यह फैसला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया था। अभी तक सैकड़ों महिलाओं के चालान भी किए जा चुके हैं, लेकिन चंडीगढ़ के इस फैसले का शिरोमणि अकाली दल पहले दिन से ही विरोध करता रहा है। इसे लेकर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से शिअद प्रतिनिधियों ने मिलकर विरोध जताया था। बावजूद इसके सिख महिलाओं को छूट नहीं दी गई थी। यूटी प्रशासन की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद नोटिफिकेशन जारी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed