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10 साल की बच्ची से रेप केस में आया नया मोड़, SC ने मांगी स्टेट्स रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Sep 2017 02:14 PM IST
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बच्ची के साथ दुराचार किया
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दस वर्षीय बच्ची से दुराचार मामले में अब एक और नया मोड़ आ गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए केस की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। नवजात का डीएनए मुख्य आरोपी से मैच नहीं होने पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को 12 अक्तूबर को केस की स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।
वहीं शुक्रवार को नवजात बच्ची के पिता का पता करने के लिए पहले गिरफ्तार आरोपी के फिर से डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि जिस 10 वर्षीय रेप पीड़ित बच्ची ने बच्चे को जन्म दिया है, उसका डीएनए पहले आरोपी से मैच नहीं हुआ है। राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी का डीएनए सैंपल की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ को वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने बताया कि पीड़िता का स्वास्थ्य अब सामान्य है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। जयसिंह ने राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के हवाले से कहा कि मामले की उचित जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने दो दिन का रिमांड समाप्त होने पर अदालत में पेश किया। पुलिस के रिमांड न मांगने पर अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
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वहीं शुक्रवार को नवजात बच्ची के पिता का पता करने के लिए पहले गिरफ्तार आरोपी के फिर से डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि जिस 10 वर्षीय रेप पीड़ित बच्ची ने बच्चे को जन्म दिया है, उसका डीएनए पहले आरोपी से मैच नहीं हुआ है। राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी का डीएनए सैंपल की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
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न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ को वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने बताया कि पीड़िता का स्वास्थ्य अब सामान्य है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। जयसिंह ने राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के हवाले से कहा कि मामले की उचित जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने दो दिन का रिमांड समाप्त होने पर अदालत में पेश किया। पुलिस के रिमांड न मांगने पर अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
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