होली बाद फिर बारिश और ओलावृष्टि के आसार, चिंतित सरकार ने फसल नुकसान की रिपोर्ट की तलब
- होली के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 10 से 12 मार्च के बीच बारिश के आसार।
- अंबाला, यमुनानगर, जींद, रोहतक, करनाल समेत कई जिलों में चौथे दिन भी हुई बारिश।
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से हरियाणा के कई जिलों में लगातार चौथे दिन शनिवार सुबह बारिश हुई, जिससे फसलें प्रभावित हुईं। मौसम विभाग के मुताबिक होली के बाद पश्चिमी हलचल के फिर सक्रिय होने के आसार हैं। प्रदेश में 10 मार्च की रात कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि 11 मार्च को 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि के भी आसार हैं। प्रदेश में 12 मार्च को भी छिटपुट बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक सुबह अंबाला, करनाल, यमुनानगर, जींद, रोहतक, पानीपत समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। करनाल में पिछले 24 घंटे में 39 एमएम बारिश दर्ज की गई। अंबाला और जींद में सुबह 6 एमएम बारिश दर्ज की गई। यमुनानगर में ओलावृष्टि से खेतों में फसलें बिछ गईं। तेज हवाओं के कारण भी गेहूं व सरसों की फसलें खेतों में गिर गई हैं।
इधर, हिसार समेत कई जिलों में तीन दिनों तक बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ रहा। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल छाते रहे। दिन के तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी व रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हिसार में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से सात डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा।
हरियाणा कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 10 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील व खुश्क रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और उत्तर-उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलने से रात के तापमान में हल्की गिरावट आएगी। मगर 11 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में फिर से बदलाव आएगा, जिससे 11 मार्च की रात व 12 मार्च को हवाओं व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं बारिश की संभावना है।
फसलों में पानी जमा न होने दें
एचएयू के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक मौसम खुश्क रहने की संभावना को देखते फसलों में आवश्यकता अनुसार स्प्रे करें। बारिश के कारण सब्जियों में ज्यादा पानी जमा हो तो उसे निकाल दें।
बारिश से नुकसान को चिंतित सरकार, नुकसान की रिपोर्ट तलब
हरियाणा में दो दिन से चल रही बरसात और ओलावृष्टि के चलते किसानों की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार भी इस नुकसान को लेकर खासी चिंतित है। जिसके चलते सरकार ने नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट तलब कर ली है। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गत चार मार्च व पांच मार्च को हुई भारी बरसात व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के आंकलन के लिए रिपोर्ट तैयार किए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
फसलों को नुकसान पाए जाने पर उन क्षेत्रों में स्पेशल गिरदावरी करवाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी तीन बार हुई ओलावृष्टि से फसलों पर पड़े प्रभाव के आंकलन के लिए रिपोर्ट तैयार किए जाने के निर्देश दे दिए गए थे। प्रदेश के भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी व नूंह जिला क्षेत्रों में जनवरी माह में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
दूसरी बार की ओलावृष्टि के प्राथमिक विवरण में फसलों को नुकसान नहीं पाया गया। तीसरी बार 29 फरवरी को हुई ओलावृष्टि के परिणामस्वरूप फसलों पर पड़े प्रभाव की रिपोर्ट अभी आनी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत दिशा निर्देश निर्धारित हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बैंकिंग क्षेत्र द्वारा लाभार्थियों को भरपाई प्रदान की जाती है।