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Haryana: हरियाणा के स्कूलों में शौचालयों और पेयजल की व्यवस्था पर केंद्र नाराज, राज्यसभा में उठा मुद्दा
Mon, 12 Dec 2022 01:28 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 12 Dec 2022 01:28 AM IST
सार
हरियाणा के 2651 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की जगह प्रदूषित पानी मिल रहा हैं। वहीं हरियाणा के 54 विद्यालयों पेयजल की सुविधा नहीं। जिला नूंह के 942 सरकारी स्कूलों में 493 स्कूलों में नल का पानी उपलब्ध नहीं है और 29 स्कूलों में पेयजल की सुविधा ही नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
राज्यसभा में हरियाणा के स्कूलों में शौचालय की समस्या का मुद्दा उठा है। दरअसल, सांसद ने राज्यसभा में हरियाणा के स्कूलों की इस स्थिति पर सवाल किया था। इस सवाल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जो रिपोट दी है, उसमें यह स्पष्ट हुआ है कि हरियाणा के स्कूलों में छात्र-छात्राएं शौचालय की समस्या से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में 185 ऐसे स्कूल बताए गए हैं, जहां शौचालय तक नहीं है और 907 स्कूलों में अभी तक लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय की बजाय एक श्रेणी के शौचालय हैं। देशभर में शौचालयों को लेकर गंभीर केंद्र सरकार ने स्कूलों में इस तरह के हालात पर कड़ी नाराजगी जताई है।
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बता दें कि 2019-2020 से 2021-2022 के दौरान समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूरे देश में 53,323 शौचालय बनाए गए हैं, जबकि 1344 की रिपेयर की गई है। इसके बावजूद हरियाणा जैसे सूबे के स्कूलों में इस तरह की दयनीय स्थिति सामने आई है। प्रस्तुत रिपोर्ट में शौचालयों के साथ पेयजल की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। इसके अनुसार हरियाणा के 2651 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की जगह प्रदूषित पानी मिल रहा हैं। वहीं हरियाणा के 54 विद्यालयों पेयजल की सुविधा नहीं। जिला नूंह के 942 सरकारी स्कूलों में 493 स्कूलों में नल का पानी उपलब्ध नहीं है और 29 स्कूलों में पेयजल की सुविधा ही नहीं है।
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