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चंडीगढ़: 8 जून तक नहीं आया कोई नया केस तो कंटेनमेंट जोन से बाहर आ जाएंगे ये पांच इलाके

Thu, 21 May 2020 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 21 May 2020 12:06 AM IST
सार

  • केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन को हटाने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कीं
  • जल्द ही सेक्टर-38, 52 और शास्त्री नगर से हट सकता है कंटेनमेंट जोन

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Central government issued new guidelines for the removal of the Containment Zone
चंडीगढ़ - फोटो : social media

विस्तार

यूटी प्रशासन ने शहर के 6 हिस्सों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। यहां पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं लेकिन इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अब राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन को हटाने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत बापूधाम को छोड़ अन्य पांचों जगहों पर अगर 8 जून तक कोई केस नहीं आता है तो यह सभी इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर हो जाएंगे।

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चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार को कंटेनमेंट जोन को हटाने को लेकर नई गाइडलाइंस आईं हैं। इनके अनुसार, जिस भी कंटेनमेंट जोन में पिछले 28 दिन से कोई नया केस नहीं आया है, उसे कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर किया जाएगा और वहां लगी पाबंदियों को हटा दिया जाएगा। 

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स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पहले कंटेनमेंट जोन को खत्म करने को लेकर दिशा-निर्देश काफी सख्त थे। पुरानी गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी कंटेनमेंट जोन के आखिरी कोरोना के मरीज के डिस्चार्ज होने के 28 दिन बाद ही इस इलाके में कंटेनमेंट जोन को खत्म किया जा सकता था लेकिन अब केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस में बदलाव किए हैं। नई गाइडलाइन पर चर्चा चल रही है।

26 को सेक्टर-38 और 27 मई को सेक्टर-52 से हट सकता है कंटेनमेंट जोन

सूत्रों के मुताबिक, नई गाइडलाइंस के अनुसार 26 मई को सेक्टर-38, 27 मई को सेक्टर-52, 30 मई को मनीमाजरा के शास्त्री नगर, 4 जून को सेक्टर-30बी और 8 जून को धनास की कच्ची कालोनी से कंटेनमेंट जोन को हटाया जाएगा। हालांकि अगर इन पांचों इलाकों में आने वाले दिनों में कोई नया केस नहीं आता है तो तभी ऐसा किया जाएगा। 

कंटेनमेंट जोन की पाबंदियों से टूटने लगा लोगों का सब्र
शहर के छह हिस्सों के कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद पाबंदियों के बीच जीने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बापूधाम को छोड़कर बाकी अन्य पांचों कंटेनमेंट जोन में बीते काफी समय से कोई कोरोना का नया केस सामने नहीं आया है, बावजूद इसके लोग कैद हैं। इसको लेकर अब लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है और कई ने इसकी शिकायत प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से की है। 

सेक्टर-52 के कंटेनमेंट जोन में रहने वाले हरि प्रकाश ने बताया कि पिछले 27 दिनों से यहां कोई केस नहीं आया है। इसके बावजूद इस एरिया में रहने वाले 40 परिवारों को कैद किया गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता धर्मवीर अनारिया ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर शहर के विभिन्न हिस्सों को कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर करने की मांग की है। 

धर्मवीर ने कुछ दिन पहले धनास की कच्ची कॉलोनी में हुई एक व्यक्ति की मौत का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उस व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी लेकिन कंटेनमेंट जोन होने की वजह से उस व्यक्ति को एरिया से बाहर निकालने में काफी देर हो गई।

कंटेनमेंट जोन के लोग गवां रहे हैं नौकरियां
सेक्टर-52 निवासी हरि प्रकाश ने बताया कि वहां रहने वाले ज्यादातर लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं। ऑफिस खुल गए हैं और वहां से बुलावा आ रहा है। लोगों को डर है कि अगर नौकरी छूट गई तो ऐसी स्थिति में नई नौकरी कहां से मिलेगी। इसलिए जब कोरोना का कोई केस नहीं आ रहा है तो इसे कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर किया जाए। वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ता धर्मवीर अनारिया ने सेक्टर-30बी के कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों द्वारा झेली जा रही परेशानी को लेकर एडवाइजर से भी शिकायत की है। 

उन्होंने कहा है कि इस इलाके में रहने वाले लोग पिछले कई दिनों से घरों में बंद है। पिछले करीब एक महीने से यहां पर कोई भी नया केस नहीं आया है। इसके बावजूद भी सेक्टर-30बी को कंटेनमेंट जोन बनाया हुआ है। यहां लोग अब कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसमें आर्थिक स्थिति का खराब होना भी अहम है। लोग अपनी नौकरियां गवां रहे हैं।

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