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Haryana: 80 प्रतिशत तक लस्टर लास वाली गेहूं खरीदेगा केंद्र, 18 प्रतिशत तक सिकुड़े/टूटे दाने को खरीदने के आदेश

Tue, 11 Apr 2023 05:20 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 11 Apr 2023 05:20 PM IST
सार

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बारिश-ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की जानकारी केंद्र को दी थी। साथ ही केंद्र को पत्र लिखकर गेहूं की खरीद में मानदंडों में छूट का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि केंद्र के इस फैसले से बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है।

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Central government announced relaxation in wheat procurement conditions in Haryana
गेहूं खरीद

विस्तार

बारिश और ओलावृष्टि के कारण संकट से जूझ रहे हरियाणा के किसानों को गेहूं खरीद में केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। केंद्र ने हरियाणा में गेहूं खरीद की शर्तों में ढील देने की घोषणा की है। केंद्र की छूट के बाद अब राज्य में 80 प्रतिशत तक लस्टर लॉस वाली गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियां कर सकेंगी। इसके साथ ही 18 प्रतिशत तक सिकुड़े-टूटे गेहूं की भी खरीद हो सकेगी।

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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बारिश-ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की जानकारी केंद्र को दी थी। साथ ही केंद्र को पत्र लिखकर गेहूं की खरीद में मानदंडों में छूट का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि केंद्र के इस फैसले से बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। गेहूं खरीद में लगे विभागीय अधिकारियों को सरकार की ओर से नए नियम के अनुसार खरीद के आदेश दिए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि राज्य की हर मंडी में सुचारु खरीद के इंतजामों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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22.9 लाख हेक्टेयर में बोया गया गेहूं
हरियाणा इस बार 22.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल की बुआई की गई है। हर साल प्रदेश में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ऊपर ही गेहूं की पैदावार होती है, लेकिन बारिश के चलते प्रति हेक्टेयर पांच से सात क्विंटल पैदावार घटने की कृषि विशेषज्ञों ने संभावना जताई है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
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किसानों की परेशानी को देखते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व उपभोक्ता मामले मंत्री से टेलीफोन पर बात की थी। संयोग से ऐसा ही वक्त 2015 में भी आया था जब फरवरी माह में बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल को ऐसा ही नुकसान हुआ था। उस समय प्रदेश सरकार ने 1190 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया था और वह भी मई-जून से पहले दिया था। इस बार भी बजट सत्र के दौरान विधानसभा सदन में विशेष गिरदावरी का आश्वासन दिया था। - मनेाहर लाल, मुख्यमँत्री हरियाणा

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