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लैब की जांच रिपोर्ट पर MBBS डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य, केंद्र ने स्वीकार प्रस्ताव, लेकिन...

Fri, 09 Nov 2018 03:27 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 09 Nov 2018 03:27 PM IST
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Central Government Accepts Proposal of MBBS Doctor Signature on Lab Test Report
mbbs doctor - फोटो : डेमो
लैब से जारी होने वाली चिकित्सीय जांच रिपोर्टों पर विशेषज्ञ एमबीबीएस डॉक्टरों के हस्ताक्षर अनिवार्य करने के मामले में केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्र ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन एक केस का हवाला देते हुए जारी अधिसूचना में लैब की तीन कैटगिरी में से बेसिक कैटगिरी की लैब रिपोर्ट्स पर एमबीबीएस डॉक्टरों के हस्ताक्षर करने के मामले में छूट दी है।
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इस बाबत दिशा-निर्देश हरियाणा समेत सभी राज्यों व यूटी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (हेल्थ) को भेजे गए हैं। लेकिन इन निर्देशों में ये भी कहा गया है कि राज्य सरकारें चाहें तो ये निर्देश नियमानुसार लागू कर सकती हैं। अब हरियाणा सरकार यदि केंद्र के इन निर्देशों को राज्य में लागू करती है, तभी मरीजों को राहत मिल सकेगी। उधर, हरियाणा स्टेट लैबोरट्री टेक्निकल एसोसिएशन के महासचिव रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मंाग की है कि वे तुरंत प्रभाव से इन निर्देशों को प्रदेश में लागू करें।
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ये है केंद्र के निर्देश

Central Government Accepts Proposal of MBBS Doctor Signature on Lab Test Report
मेडिकल कॉलेज - फोटो : amar ujala
हरियाणा में इस वक्त तीनों प्रकार की लैबोरट्रीज से जारी जांच रिपोर्टों पर पैथोलॉजी, बॉयो केमिस्ट्री, माइक्रो बॉयोलॉजी व लैबोरट्री मेडिसन में पोस्ट ग्रेजुएट या एमबीबीएस डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। लेकिन केंद्र के ताजे निर्देशानुसार मीडियम व एडवांस कैटगिरी लैबोरट्रीज से जारी रिपोर्ट पर तो उक्त विशेषज्ञ ही साइन करेंगे। लेकिन बेसिक कंपोजिट लैबोरट्रीज जहां सामान्य तरह की जांच जोकि न्यूमेरिकल वैल्यू व सैंपलों की मशीनों से तकनीकी विशलेषणों पर आधारित होती है, उन पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है।

यूं भटक रहे मरीज, प्राइवेट टेस्ट हुए महंगे
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में हर माह करीब 14 लाख टेस्ट होते हैं। जबकि प्राइवेट 600 लैब में भी हर महीने लाखों टेस्ट होते हैं। लेकिन सूबे में 23 अगस्त 2018 से सभी प्रकार की लैब जांचों पर एमबीबीएस डाक्टरों के हस्ताक्षर अनिवार्य है। अब इमरजेंसी के वक्त कई सामान्य टेस्ट ऐसे होते हैं, जिन्हें तुरंत करना पड़ता है। खासकर ब्लड बैंक और पैथेलॉजिकल अधारित टेस्ट, लेकिन कई बार तुरंत डाक्टर उपलब्ध न होने की वजह से ये रिपोर्टें लंबे समय तक लटकी रहती हैं।
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