पंजाब : सांसद प्रताप बाजवा की सुरक्षा वापस लेने को केंद्र ने बताया गलत, पंजाब को दिया ये आदेश
पंजाब सरकार की तरफ से प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा की सुरक्षा वापस लेने के फैसले को केंद्र सरकार ने गलत ठहरा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब की मुख्य सचिव को पत्र भेजकर राज्य स्तर पर प्रताप बाजवा का सुरक्षा कवर फिर से बहाल करने को कहा है।
पिछले साल अगस्त में राज्य सरकार ने यह कहते हुए प्रताप बाजवा को दी गई पुलिस सुरक्षा वापस ले ली थी कि उनको पहले से ही केंद्रीय सुरक्षा मिली हुई है और उनको किसी तरह का कोई खतरा न होने की रिपोर्ट मिली हैं।
पंजाब सरकार का यह भी कहना था कि राज्य पुलिस द्वारा बाजवा को दी गई सुरक्षा का कोई मकसद नहीं रह गया क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय सुरक्षा हासिल कर ली है। ऐसी स्थिति में दोहरी सुरक्षा व्यवस्था को कारगर नहीं माना जा सकता। विशेष रूप से तब, जब राज्यसभा सांसद ने राज्य की पुलिस में कोई भरोसा न दिखाते हुए केंद्रीय सुरक्षा प्राप्त करना मुनासिब समझा हो।
पंजाब सरकार के फैसले पर एतराज जताते हुए प्रताप बाजवा ने केंद्र सरकार से अपील की थी कि उन्हें राज्य में सुरक्षा कवर दिया जाए। गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में उन्होंने अपने परिवार पर पहले हुए आतंकी हमलों का हवाला देते हुए सुरक्षा की मांग की थी। गृह मंत्रालय ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से कहा है कि बाजवा को फिर से पंजाब पुलिस का सुरक्षा कवर मुहैया कराया जाए।
कैप्टन के कामकाज पर सवाल उठाते रहे थे बाजवा
दरअसल पंजाब सरकार द्वारा पुलिस सुरक्षा वापस लेने पर बाजवा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सियासी बदलाखोरी का आरोप लगाया था। पिछले साल पंजाब सरकार ने प्रताप बाजवा को दिया गया पंजाब पुलिस का सुरक्षा कवर ऐसे समय में वापस लिया था, जब बाजवा राज्य में अपनी ही पार्टी की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठा रहे थे। दोनों के बीच विवाद उस समय और गहरा गया जब बाजवा ने राज्य में जहरीली शराब कांड को लेकर कैप्टन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए राज्यपाल से मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी।
पंजाब पुलिस के 6 जवान और एक एस्कार्ट थे सुरक्षा में तैनात
गृह मंत्रालय की ओर से पिछले साल 19 मार्च को प्रताप बाजवा को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई। उनके पास निजी सुरक्षा, घर की सुरक्षा और एस्कॉर्ट के लिए सीआईएसएफ के 25 जवान व 2 एस्कार्ट चालक मौजूद हैं।
पिछले साल 23 मार्च तक उनके पास पंजाब पुलिस के 14 कर्मचारी भी तैनात थे, लेकिन उनमें से कुछ को कोविड ड्यूटी के मद्देनजर वापस बुला लिया गया था। अगस्त में बाजवा के पास पंजाब पुलिस के 6 कर्मचारी, चालक और एक एस्कॉर्ट था। इन्हें पंजाब सरकार ने वापस ले लिया था।