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केंद्र ने नहीं बढ़ाया कोटा, आपात स्थिति में पंजाब-हरियाणा से लोन पर ऑक्सीजन लेने की तैयारी
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चंडीगढ़। मेडिकल ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के यूटी प्रशासन के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है, इसकी वजह से शहर में ऑक्सीजन की किल्लत बढ़ती जा रही है। प्रशासन आपात स्थिति के लिए पंजाब व हरियाणा से कर्ज पर ऑक्सीजन लेने की तैयारी में है।
यूटी प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए शहर में मिनी कोविड सेंटर स्थापित करने वाले विभिन्न संगठनों से अपील की है कि वह कंसंट्रेटर्स के जरिए खुद ही ऑक्सीजन का बंदोबस्त करें। यह जानकारी यूटी में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए नोडल ऑफिसर यशपाल गर्ग ने दी है। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने शनिवार को इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट और डेराबस्सी में ऑक्सीजन रिफिलिंग सेंटर का दौरा किया। रिफिलिंग सेंटर के दौरे के दौरान यह पाया गया कि ऑक्सीजन सिलिंडर की रिफिलिंग का काम सही रूप से चल रहा है। पुलिस की तरफ से वहां पर सुरक्षा भी प्रदान की गई है। सिलिंडरों में ऑक्सीजन का प्रेशर जांचा गया, जो सही पाया गया, जिससे यहां पर कम आपूर्ति का कोई मामला सामने नहीं है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से तय रिफिलिंग रेट से ही चार्ज किए जा रहे थे।
ऑक्सीजन की बर्बादी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के आदेश
यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि उन्होंने केंद्र से 20 एमटी से 35 एमटी ऑक्सीजन कोटा करने की मांग की है, ताकि ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सके। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन की बर्बादी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के बरोटीवाला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ के लिए प्रतिदिन मेडिकल ऑक्सीजन का 20 एमटी कोटा निर्धारित किया है, जो जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और सेक्टर 48 कोविड अस्पताल में इस्तेमाल हो रहा है।
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यूटी प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए शहर में मिनी कोविड सेंटर स्थापित करने वाले विभिन्न संगठनों से अपील की है कि वह कंसंट्रेटर्स के जरिए खुद ही ऑक्सीजन का बंदोबस्त करें। यह जानकारी यूटी में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए नोडल ऑफिसर यशपाल गर्ग ने दी है। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने शनिवार को इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट और डेराबस्सी में ऑक्सीजन रिफिलिंग सेंटर का दौरा किया। रिफिलिंग सेंटर के दौरे के दौरान यह पाया गया कि ऑक्सीजन सिलिंडर की रिफिलिंग का काम सही रूप से चल रहा है। पुलिस की तरफ से वहां पर सुरक्षा भी प्रदान की गई है। सिलिंडरों में ऑक्सीजन का प्रेशर जांचा गया, जो सही पाया गया, जिससे यहां पर कम आपूर्ति का कोई मामला सामने नहीं है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से तय रिफिलिंग रेट से ही चार्ज किए जा रहे थे।
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ऑक्सीजन की बर्बादी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के आदेश
यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि उन्होंने केंद्र से 20 एमटी से 35 एमटी ऑक्सीजन कोटा करने की मांग की है, ताकि ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सके। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन की बर्बादी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के बरोटीवाला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ के लिए प्रतिदिन मेडिकल ऑक्सीजन का 20 एमटी कोटा निर्धारित किया है, जो जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और सेक्टर 48 कोविड अस्पताल में इस्तेमाल हो रहा है।
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