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अब फर्राटेदार इंग्लिश बोलेंगे सीबीएसई के विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो, जगाधरी।
Updated Sun, 10 Aug 2014 12:58 AM IST
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सीबीएसई के विद्यार्थी फर्राटेदार इंग्लिश बोलते नजर आए तो चौकिए मत। विद्यार्थियों को अंग्रेजी बोलने और सुनने में महारत हासिल कराने में जुटी सीबीएसई ने नए सत्र से इसकी मॉनिटरिंग सख्त कर दी है।
इसके अंतर्गत होने वाली गतिविधियोें के मूल्यांकन की अब रिकार्डिंग की जाएगी, ताकि विशेषज्ञ यह देख सकें कि स्कूल में बच्चों में अंग्रेजी दक्षता विकसित करने के लिए किस प्रकार की गतिविधियां करवाई गई है।
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा की दक्षता विकसित करने के लिहाज से इस साल से असेसमेंट ऑफ स्पीकिंग एंड लिसनिंग स्किल्स (एएसएल) प्रोजेक्ट शुरू किया है। खास बात यह है कि एएसएल के तहत बच्चों के लिए आयोजित होने वाले असेसमेंट की मॉनिटरिंग सख्त करने के लिहाज से रिकार्डिंग की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जो कि सीबीएसई के सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य है।
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सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह व्यवस्था नौवीं, दसवीं तथा ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए की गई है। असेसमेंट के समय कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्कूल द्वारा की जाएगी बजट की व्यवस्था
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक उपरोक्त प्रोजेक्ट के तहत आयोजित गतिविधियों में जो खर्च होगा, उसके बजट की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन द्वारा की जाएगी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिहाज से प्रत्येक शिक्षक को एक रिकॉर्डर दिया जाएगा। रिकार्डिंग पूरी होने पर असेसमेंट में विद्यार्थियों को दिए गए नंबरों के साथ डीवीडी या सीडी में ट्रांसफर किया जाएगा। इसकी एक कॉपी स्कूल प्रिंसिपल के पास रहेगी, जबकि शिक्षक तथा परीक्षा नियंत्रक को भी एक-एक प्रति दी जाएगी।
विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस में आएगी पारदर्शिता
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक विडियो रिकार्डिंग होने से विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस में पारदर्शिता आएगी। साथ ही उनकी बॉडी लैग्वेंज का भी पता चल जाएगा और व्यक्तित्व का विकास भी होगा। इस योजना से प्रत्येक बच्चे पर टीचर का ध्यान जा सकेगा। कमजोर बच्चों को अंग्रेजी सीखने में आसानी होगी। इन विडियो को देखकर बच्चों को अंग्रेजी सीखने, बोलने में मदद मिलेगी। वहीं सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की है। सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंघल का कहना है कि इस योजना से कमजोर विद्याथियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
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इसके अंतर्गत होने वाली गतिविधियोें के मूल्यांकन की अब रिकार्डिंग की जाएगी, ताकि विशेषज्ञ यह देख सकें कि स्कूल में बच्चों में अंग्रेजी दक्षता विकसित करने के लिए किस प्रकार की गतिविधियां करवाई गई है।
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सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा की दक्षता विकसित करने के लिहाज से इस साल से असेसमेंट ऑफ स्पीकिंग एंड लिसनिंग स्किल्स (एएसएल) प्रोजेक्ट शुरू किया है। खास बात यह है कि एएसएल के तहत बच्चों के लिए आयोजित होने वाले असेसमेंट की मॉनिटरिंग सख्त करने के लिहाज से रिकार्डिंग की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जो कि सीबीएसई के सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य है।
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सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह व्यवस्था नौवीं, दसवीं तथा ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए की गई है। असेसमेंट के समय कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्कूल द्वारा की जाएगी बजट की व्यवस्था
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक उपरोक्त प्रोजेक्ट के तहत आयोजित गतिविधियों में जो खर्च होगा, उसके बजट की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन द्वारा की जाएगी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिहाज से प्रत्येक शिक्षक को एक रिकॉर्डर दिया जाएगा। रिकार्डिंग पूरी होने पर असेसमेंट में विद्यार्थियों को दिए गए नंबरों के साथ डीवीडी या सीडी में ट्रांसफर किया जाएगा। इसकी एक कॉपी स्कूल प्रिंसिपल के पास रहेगी, जबकि शिक्षक तथा परीक्षा नियंत्रक को भी एक-एक प्रति दी जाएगी।
विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस में आएगी पारदर्शिता
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक विडियो रिकार्डिंग होने से विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस में पारदर्शिता आएगी। साथ ही उनकी बॉडी लैग्वेंज का भी पता चल जाएगा और व्यक्तित्व का विकास भी होगा। इस योजना से प्रत्येक बच्चे पर टीचर का ध्यान जा सकेगा। कमजोर बच्चों को अंग्रेजी सीखने में आसानी होगी। इन विडियो को देखकर बच्चों को अंग्रेजी सीखने, बोलने में मदद मिलेगी। वहीं सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की है। सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंघल का कहना है कि इस योजना से कमजोर विद्याथियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।