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Chandigarh News: सीबीआई खंगालेगी 15 विभागों की फाइलें, पंजाब सरकार से मूल रिकॉर्ड तलब
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सीबीआई खंगालेगी 15 विभागों की फाइलें, पंजाब सरकार से मूल रिकॉर्ड तलब
तबादलों-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों और विभागीय प्रक्रियाओं की जांच; हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने प्रशासनिक सचिवों को दस्तावेज देने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ जांच तेज करते हुए सीबीआई ने पंजाब सरकार से 15 विभागों का मूल रिकॉर्ड तलब किया है। जांच एजेंसी अधिकारियों की तबादला-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में डिस्ट्रीब्यूटर बदलने की प्रक्रिया से जुड़ी फाइलें खंगालना चाहती है। सीबीआई की मांग पर राज्य के कार्मिक विभाग ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों को रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी दायर की थी। अब सीबीआई आरोपों से संबंधित दस्तावेज जुटाकर उनकी कड़ियां खंगाल रही है।
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सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों का रिकॉर्ड मांगा है। इसमें अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों से जुड़ी नोटशीट, ड्राफ्ट और अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग से वर्ष 2023-24 में डिस्ट्रीब्यूटर बदलने की प्रक्रिया की फाइलें व नोटशीट भी मांगी गई हैं। इसके अलावा 23 सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक के विभिन्न आधिकारिक पत्र तलब किए गए हैं। जांच एजेंसी का फोकस उन आरोपों से जुड़े रिकॉर्ड पर है जिनमें सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, ठेकों और नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने के कथित प्रयासों का उल्लेख है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आईएएस अधिकारी को बनाया नोडल अफसर
कार्मिक विभाग की आईएएस शाखा ने गृह, राजस्व, स्थानीय सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आवास एवं शहरी विकास समेत 15 प्रमुख विभागों को प्राथमिकता के आधार पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक सचिवों को दस्तावेज कार्मिक विभाग के माध्यम से भेजने हैं। रिकॉर्ड जुटाने और सीबीआई तक पहुंचाने में समन्वय के लिए एक आईएएस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी न हो।
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तबादलों-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों और विभागीय प्रक्रियाओं की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ जांच तेज करते हुए सीबीआई ने पंजाब सरकार से 15 विभागों का मूल रिकॉर्ड तलब किया है। जांच एजेंसी अधिकारियों की तबादला-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में डिस्ट्रीब्यूटर बदलने की प्रक्रिया से जुड़ी फाइलें खंगालना चाहती है। सीबीआई की मांग पर राज्य के कार्मिक विभाग ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों को रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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यह कार्रवाई पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी दायर की थी। अब सीबीआई आरोपों से संबंधित दस्तावेज जुटाकर उनकी कड़ियां खंगाल रही है।
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सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों का रिकॉर्ड मांगा है। इसमें अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों से जुड़ी नोटशीट, ड्राफ्ट और अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग से वर्ष 2023-24 में डिस्ट्रीब्यूटर बदलने की प्रक्रिया की फाइलें व नोटशीट भी मांगी गई हैं। इसके अलावा 23 सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक के विभिन्न आधिकारिक पत्र तलब किए गए हैं। जांच एजेंसी का फोकस उन आरोपों से जुड़े रिकॉर्ड पर है जिनमें सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, ठेकों और नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने के कथित प्रयासों का उल्लेख है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आईएएस अधिकारी को बनाया नोडल अफसर
कार्मिक विभाग की आईएएस शाखा ने गृह, राजस्व, स्थानीय सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आवास एवं शहरी विकास समेत 15 प्रमुख विभागों को प्राथमिकता के आधार पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक सचिवों को दस्तावेज कार्मिक विभाग के माध्यम से भेजने हैं। रिकॉर्ड जुटाने और सीबीआई तक पहुंचाने में समन्वय के लिए एक आईएएस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी न हो।