Chandigarh: बहुचर्चित टेनिस खिलाड़ी आत्महत्या मामले में आखिरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की CBI ने मांगी अनुमति
पंचकूला की 14 साल की उभरती टेनिस खिलाड़ी ने तत्कालीन आईजी व हरियाणा टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपीएस राठौर पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। घटना के 16 साल बाद 22 दिसंबर 2009 को चंडीगढ़ कोर्ट ने राठौर को छेड़छाड़ का दोषी करार देते हुए छह माह कैद और 1,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।
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1993 के बहुचर्चित यौन शोषण व आत्महत्या मामले में सीबीआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से आखिरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की है। यह क्लोजर रिपोर्ट पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर पर लगे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को लेकर है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि उनकी जांच में राठौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इस कारण क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने पर लगाई रोक हटाई जाए।
सीबीआई की अर्जी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को 28 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सीबीआई ने अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि एसपीएस राठौर के खिलाफ टेनिस खिलाड़ी से छेड़छाड़ व आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर जनवरी 2010 में एफआईआर दर्ज की गई थी।
नवंबर 2010 में सीबीआई ने दो मामलों हत्या का प्रयास और फर्जी दस्तावेजों को लेकर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी 2016 में इन दोनों मामलों में केस बंद करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया।
सीबीआई आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं कर सकी क्योंकि 25 जनवरी 2010 को हाईकोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। सीबीआई ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट के साथ तैयार है और मामला 2010 से लंबित है। मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है और यथास्थिति का आदेश है, ऐसे में सुनवाई कर रोक के आदेश को हटाया जाए।
यह था मामला
पंचकूला की 14 साल की उभरती टेनिस खिलाड़ी ने तत्कालीन आईजी व हरियाणा टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपीएस राठौर पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। घटना के 16 साल बाद 22 दिसंबर 2009 को चंडीगढ़ कोर्ट ने राठौर को छेड़छाड़ का दोषी करार देते हुए छह माह कैद और 1,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।