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Chandigarh: फर्जी कागजों पर PNB से 60.29 करोड़ की धोखाधड़ी, CBI ने फार्मा कंपनी के खिलाफ दर्ज किया केस
Thu, 03 Aug 2023 12:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 03 Aug 2023 12:09 PM IST
सार
सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक ने नवंबर 2022 को सीबीआई को शिकायत भेजी थी। शिकायत में बताया था कि 27 फरवरी 2009 को अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के एमडी और डायरेक्टर्स ने बद्दी स्थित अपने यूनिट के विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म लोन और 30 करोड़ रुपये के फ्रैश टर्म लोन के लिए आवेदन किया था।
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- फोटो : istock
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विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 60.29 करोड़ का चूना लगाने के मामले में सीबीआई ने मुंबई की फार्मा कंपनी अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कंपनी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक ने नवंबर 2022 को इस संबंध में सीबीआई को शिकायत भेजी थी। शिकायत में बताया था कि 27 फरवरी 2009 को अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के एमडी और डायरेक्टर्स ने बद्दी स्थित अपने यूनिट के विस्तार के लिए बैंक में 50 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म लोन और 30 करोड़ रुपये के फ्रैश टर्म लोन के लिए आवेदन किया था। कुल 80 करोड़ रुपये के लोन के आवेदन पर बैंक ने कंपनी के प्रोफाइल को देखते हुए 61.90 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कर दिया। बाद में कंपनी ने लोन की कुछ रकम अदा की लेकिन करीब 60.29 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए।
यह भी पढ़ें: अमर उजाला संवाद पंजाब: सात अगस्त को होगा कार्यक्रम, सीएम मान करेंगे शुभारंभ, कई नामी हस्तियां जुटेंगी
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बैंक का आरोप है कि जब कंपनी ने पैसे नहीं जमा कराए तो दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें पता चला कि लोन के आवेदन के लिए लगाए गए दस्तावेज जाली हैं। बैंक का आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनसे करोड़ों का लोन लिया, जिसे बाद में चुकाया नहीं। आरोपों के मुताबिक, कंपनी ने बैंक से लोन के लिए फर्जी बैलेंस शीट प्रस्तुत किया थी। लोन के पैसों को कंपनी ने दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर हुए करीब 60.29 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
सीबीआई ने बैंक की शिकायत पर मुंबई की अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पी. जैन, डायरेक्टर गिरीराज विजयवर्गीय, दिलीप शिंदे, रमेश बालाराम बाथम और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई पड़ताल के दौरान यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही है।
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सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक ने नवंबर 2022 को इस संबंध में सीबीआई को शिकायत भेजी थी। शिकायत में बताया था कि 27 फरवरी 2009 को अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के एमडी और डायरेक्टर्स ने बद्दी स्थित अपने यूनिट के विस्तार के लिए बैंक में 50 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म लोन और 30 करोड़ रुपये के फ्रैश टर्म लोन के लिए आवेदन किया था। कुल 80 करोड़ रुपये के लोन के आवेदन पर बैंक ने कंपनी के प्रोफाइल को देखते हुए 61.90 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कर दिया। बाद में कंपनी ने लोन की कुछ रकम अदा की लेकिन करीब 60.29 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए।
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बैंक का आरोप है कि जब कंपनी ने पैसे नहीं जमा कराए तो दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें पता चला कि लोन के आवेदन के लिए लगाए गए दस्तावेज जाली हैं। बैंक का आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनसे करोड़ों का लोन लिया, जिसे बाद में चुकाया नहीं। आरोपों के मुताबिक, कंपनी ने बैंक से लोन के लिए फर्जी बैलेंस शीट प्रस्तुत किया थी। लोन के पैसों को कंपनी ने दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर हुए करीब 60.29 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
सीबीआई ने बैंक की शिकायत पर मुंबई की अंकुर ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पी. जैन, डायरेक्टर गिरीराज विजयवर्गीय, दिलीप शिंदे, रमेश बालाराम बाथम और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई पड़ताल के दौरान यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही है।