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सीबीआई अदालत ने पासपोर्ट सहायक अधीक्षक के दस्तावेजों को छोड़ने के दिए निर्देश
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चंडीगढ़। रिश्वत मामले में गिरफ्तार हुए सेक्टर-34 पासपोर्ट कार्यालय के सहायक अधीक्षक राजीव खेत्रपाल की याचिका पर सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई की। दायर याचिका में राजीव खेत्रपाल के सभी दस्तावेजों और मोबाइल को सीबीआई से छोड़ने को कहा गया था। सीबीआई ने अदालत में जवाब देते हुए कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त के मोबाइल फोन की आवश्यकता होती है। इसके बाद अदालत ने मोबाइल को छोड़कर सभी दस्तावेजों को सीबीआई की हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया है।
बता दें खेत्रपाल को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। राजीव खेत्रपाल ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि सीबीआई ने तलाशी के दौरान उनके आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस, दो क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड और एक चमड़े की बेल्ट को अपने कब्जे में ले लिया है। इन सामानों की व्यक्तिगत रूप से आवश्यकता होती है और ये अब सीबीआई के लिए आवश्यक नहीं हैं क्योंकि चार्जशीट पहले ही मामले में पेश की जा चुकी है। गौरतलब है कि बीते 3 मार्च को शिकायतकर्ता जगदीप सिंह ने सीबीआई के एंटी करप्शन सेल को दी शिकायत में बताया था कि जनवरी 2020 में पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस दौरान उनके पासपोर्ट में किसी तरह की ऑब्जेक्शन लग गई। इसके बाद सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर बिचौलिया बलविंदर सिंह से उनका संपर्क हुआ। आरोप था कि बलविंदर ने उन्हें झांसे में लेकर कहा कि वह उनके पासपोर्ट को जल्द रिन्यू करवा देगा। इसके एवज में उन्हें 30 हजार रुपये देने होंगे। शिकायत पर एंटी करप्शन सेल ने सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट कार्यालय के पास जाल बिछाकर आरोपी बिचौलिया बलविंदर सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा था। सीबीआई की जांच में बलविंदर सिंह ने बताया था कि यह रकम पासपोर्ट कार्यालय के सहायक अधीक्षक राजीव खेत्रपाल को जानी थी। सीबीआई ने बलविंदर के मोबाइल से राजीव खेत्रपाल को फोन लगवाकर इस पूरे मामले में उसकी संलिप्तता का भंडाफोड़ करवाया और राजीव खेत्रपाल को दबोच लिया था।
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बता दें खेत्रपाल को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। राजीव खेत्रपाल ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि सीबीआई ने तलाशी के दौरान उनके आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस, दो क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड और एक चमड़े की बेल्ट को अपने कब्जे में ले लिया है। इन सामानों की व्यक्तिगत रूप से आवश्यकता होती है और ये अब सीबीआई के लिए आवश्यक नहीं हैं क्योंकि चार्जशीट पहले ही मामले में पेश की जा चुकी है। गौरतलब है कि बीते 3 मार्च को शिकायतकर्ता जगदीप सिंह ने सीबीआई के एंटी करप्शन सेल को दी शिकायत में बताया था कि जनवरी 2020 में पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस दौरान उनके पासपोर्ट में किसी तरह की ऑब्जेक्शन लग गई। इसके बाद सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर बिचौलिया बलविंदर सिंह से उनका संपर्क हुआ। आरोप था कि बलविंदर ने उन्हें झांसे में लेकर कहा कि वह उनके पासपोर्ट को जल्द रिन्यू करवा देगा। इसके एवज में उन्हें 30 हजार रुपये देने होंगे। शिकायत पर एंटी करप्शन सेल ने सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट कार्यालय के पास जाल बिछाकर आरोपी बिचौलिया बलविंदर सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा था। सीबीआई की जांच में बलविंदर सिंह ने बताया था कि यह रकम पासपोर्ट कार्यालय के सहायक अधीक्षक राजीव खेत्रपाल को जानी थी। सीबीआई ने बलविंदर के मोबाइल से राजीव खेत्रपाल को फोन लगवाकर इस पूरे मामले में उसकी संलिप्तता का भंडाफोड़ करवाया और राजीव खेत्रपाल को दबोच लिया था।
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