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चंडीगढ़ः सीबीआई ने पासपोर्ट कार्यालय के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पर कसा शिकंजा, होगा निलंबित
Thu, 05 Mar 2020 01:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 01:04 PM IST
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चंडीगढ़ सीबीआई ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए पासपोर्ट कार्यालय के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजीव खेत्रपाल को पकड़ा था। अब उन पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है और जल्द ही अब उन पर विभागीय कार्रवाई होगी। पासपोर्ट कार्यालय सीबीआई रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
जैसे ही वहां से चिट्ठी विभाग को मिलेगी, उसी के साथ उनका निलंबन होगा। इसके अलावा कई अन्य विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस रिश्वत प्रकरण के तार किस-किस से जुड़े हैं, जल्द ही उन सभी का खुलासा होगा और कुछ अन्य कर्मी भी इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसे लेकर विभाग में बुधवार को सन्नाटा रहा।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर (आरपीओ) शिवास कविराज ने विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेना अपराध है और सीबीआई लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है, इसलिए सभी ईमानदारी से काम करें और दलालों के चक्कर में कोई न आए।
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विभाग का काम पूरी तरह पारदर्शी है, फिर भी एक फीसदी लोग कुछ कमियां होने पर ऐसा लालच दे सकते हैं, इससे बचें। उन्होंने लोगों से भी कहा है कि किसी भी दलाल के चक्कर में न पड़ें। यदि अभिलेख आपके सही हैं तो आपके घर सीधे पासपोर्ट निर्धारित दिनों में पहुंचेगा। यदि कोई दलाल या अन्य व्यक्ति पैसे की मांग करता है तो मुझे 97299-90006 पर कॉल या मैसेज कर सकते हैं।
सर्वाधिक पासपोर्ट बनाकर अवार्ड पाने वाले कार्यालय पर लगा दाग
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय सेक्टर-34 का नाम पूरे देश में अच्छे कामों के लिए आता है। लगातार सर्वाधिक पासपोर्ट बनाकर विभाग अवार्ड पा रहा है। हिंदी का भी यहां सर्वाधिक प्रयोग होता है और इस मामले में भी विभाग को पुरस्कार मिला है लेकिन मंगलवार की घटना से विभाग पर दाग लगा है। हालांकि ऐसे लोगों का बाहर आना भी जरूरी था।
सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय का कार्य बेहद सुरक्षा से जुड़ा है। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा डाटा चोरी या अन्य चीज सामने नहीं आई। हालांकि इस तथ्य पर भी जांच होगी।
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जैसे ही वहां से चिट्ठी विभाग को मिलेगी, उसी के साथ उनका निलंबन होगा। इसके अलावा कई अन्य विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस रिश्वत प्रकरण के तार किस-किस से जुड़े हैं, जल्द ही उन सभी का खुलासा होगा और कुछ अन्य कर्मी भी इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसे लेकर विभाग में बुधवार को सन्नाटा रहा।
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सीबीआई की कार्रवाई के बाद रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर (आरपीओ) शिवास कविराज ने विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेना अपराध है और सीबीआई लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है, इसलिए सभी ईमानदारी से काम करें और दलालों के चक्कर में कोई न आए।
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विभाग का काम पूरी तरह पारदर्शी है, फिर भी एक फीसदी लोग कुछ कमियां होने पर ऐसा लालच दे सकते हैं, इससे बचें। उन्होंने लोगों से भी कहा है कि किसी भी दलाल के चक्कर में न पड़ें। यदि अभिलेख आपके सही हैं तो आपके घर सीधे पासपोर्ट निर्धारित दिनों में पहुंचेगा। यदि कोई दलाल या अन्य व्यक्ति पैसे की मांग करता है तो मुझे 97299-90006 पर कॉल या मैसेज कर सकते हैं।
सर्वाधिक पासपोर्ट बनाकर अवार्ड पाने वाले कार्यालय पर लगा दाग
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय सेक्टर-34 का नाम पूरे देश में अच्छे कामों के लिए आता है। लगातार सर्वाधिक पासपोर्ट बनाकर विभाग अवार्ड पा रहा है। हिंदी का भी यहां सर्वाधिक प्रयोग होता है और इस मामले में भी विभाग को पुरस्कार मिला है लेकिन मंगलवार की घटना से विभाग पर दाग लगा है। हालांकि ऐसे लोगों का बाहर आना भी जरूरी था।
सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय का कार्य बेहद सुरक्षा से जुड़ा है। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा डाटा चोरी या अन्य चीज सामने नहीं आई। हालांकि इस तथ्य पर भी जांच होगी।