फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   cashless chandigah, peoples facing many problem

अभी से व्यवस्था चौपट, बैंक, एटीएम और जनता कैशलेस

Sat, 03 Dec 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 03 Dec 2016 12:58 AM IST
विज्ञापन
cashless chandigah, peoples facing many problem
सुबह से ही लाइनें लगी गई बैंकों में
शहर को कैशलेस बनाने से पहले इस समय बैंक कैशलेस हैं। घंटों कतार में लगने के बाद जितना पैसा चाहिए उतना पैसा नहीं मिल पाता है। बैंकों का कहना है कि कैश नहीं है। बैंक खाते में सैलरी आए दो दिन बीत चुके हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों के पर्स खाली हैं। 
विज्ञापन


शुक्रवार को भी सारा दिन जिन एटीएम में पैसे थे उनके बाहर लंबी कतारें लगी थीं। हालांकि ज्यादातर सेक्टरों में एटीएम बंद ही मिले। दो दिनों से बैंक से सैलरी का पैसा निकालने की जद्दोजेहद कर रहे सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह रोड ट्रांसपोर्ट विभाग में हैं। रोज बैंक आते हैं, कम से कम दो या तीन घंटे लाइन में लगते हैं। जब बैंक अधिकारियों से टोकन मांगा तो टोकन नहीं दिया।
विज्ञापन


सरकारी कर्मचारी रोहित ने बताया कि दो घंटे लगकर शुक्रवार को ऑफिस से छुट्टी लेकर ढाई हजार रुपये निकाले थे। आज फिर पैसे निकालने आए हैं। रोज रोज ऑफिस से दो-तीन घंटों की छु्ट्टी लेकर नहीं आया जा सकता। बैंक वालों से टोकन मांगा तो मना कर दिया। वह कहते हैं कि सिर्फ सीनियर सिटीजन को ही टोकन दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूटी पुलिस विभाग से रिटायर पवित्र सिंह ने बताया कि वह अपनी पेंशन का पैसा लेने आए थे। लेकिन दस हजार रुपये ही दिए। बैंक कह रहा है कि कैश नहीं है। जो मिल रहा है ले लो।

लोगों ने आपा खोया, एक दूसरे से उलझे

cashless chandigah, peoples facing many problem
 वहीं शुक्रवार को सेक्टर 17 स्थित एसबीआई के एटीएम में कतार में कई घंटों से लगे लोग दो बुजुर्ग महिलाओं से उलझ गए। बुजुर्ग महिलाएं सीनियर सिटीजन थीं। इसलिए वह सीधे आगे जाकर पैसे निकालने लगीं। जिस पर लोगों ने शोर मचा दिया।

लोगों का कहना है कि वह घंटों से कतार में लगे हैं। लोग अपने घरों से बुजुर्गों को जानबूझकर पैसे निकालने के लिए भेज रहे हैं ताकि वह सीधे लाइन में आगे जाकर पैसे निकाल लें। बैंकों को अगर सीनियर सिटीजन का इतना ही ख्याल है तो उनके लिए अलग से एटीएम लगाएं। लोगों में बढ़ती बहस को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों न बीच बचाव कर लोगों को शांत कराया।

वहीं बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास कैश की भारी कमी है। कैश आ ही नहीं रहा तो वह किसी को कैसे दे दें।
अभी तो लोगों की दिक्कतें 4 दिसंबर से और बढ़ने वाली हैं। क्योंकि विभागों में कई कर्मचारियों की सैलरी 4 से 7 के बीच आती है। जब उनकी तनख्वाहें आएंगी तो बैंकों व एटीएम में और भीड़ बढे़गी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed