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Chandigarh News: चंडीगढ़ पुलिस के 20 मुलाजिमों के केस सीबीआई कोर्ट में लंबित

Fri, 12 Apr 2024 02:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2024 02:49 AM IST
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Cases of 20 Chandigarh Police employees pending in CBI court
चंडीगढ़। सीबीआई कोर्ट में करीब 70 आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें 23 मामले पुलिसकर्मियों से जुड़े हुए हैं और इनमें 20 मामले चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल से लेकर डीएसपी रैंक तक के पुलिस मुलाजिमों से जुड़े हुए हैं। बाकी तीन मामले पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पुलिसकर्मयों से जुड़े हैं। इनमें 40 लाख रुपये रिश्वतकांड में ईओडब्ल्यू के पूर्व डीएसपी आरसी मीना का वर्ष-2015 का मामला भी शामिल है।वहीं, सीबीआई अदालत में पुलिस मुलाजिमों से जुड़े आपराधिक मामलों में सजा की दर 95 प्रतिशत है। एक-दो मामलों को छोड़कर बीते समय में ज्यादातर पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। वर्ष 2015 से सीबीआई कोर्ट में 32 मामले पुलिस मुलाजिमों से जुड़े आए। इनमें से 28 चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिमों से जुड़े थे। ज्यादातर मामलों में एक से ज्यादा पुलिसकर्मी आरोपी थी। इनमें से 11 मामलों में सजा सुनाई गई। बाकी मामलों में मुकद्दमा जारी है। बीते वर्ष सीबीआई अदालत से जिन 10 मामलों में सजा सुनाई उनमें से चार पुलिसकर्मियों से जुड़े थे। इसी वर्ष पंजाब की सेवानिवृत्त डीएसपी राका गेरा को सजा हुई थी। सीबीआई ने इसी वर्ष बीते फरवरी में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों और उनकी पत्नी इंस्पेक्टर परमजीत कौर सेखों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर चुकी है।
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पुलिस की जीरो टालरेंस पॉलिसी में दो हो चुके बर्खास्त
बता दें कि चंडीगढ़ पुलिस फोर्स के जवान लगातार सीबीआई के हत्थे चढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से जीरो टोलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं। सामान्य तौर पर अदालत की ओर से दोषी करार दिए जाने तक मुलाजिम को निलंबन और कुछ वक्त बाद बहाली भी दे दी जाती है। लेकिन कुछ मामलों में पुलिस बेहद सख्ती भी दिखा चुकी है। पिछले साल अक्तूबर में ईओडब्ल्यू में तैनात रहे दो सब-इंस्पेक्टरों को पांच लाख रुपये रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद ही विभाग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। अन्य आपराधिक छवि वाले मुलाजिमों को भी अनिवार्य वीआरएस दी जा रही है।
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