फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Case of Lawrence Bishnoi interview from jail reached Punjab and Haryana High Court

लॉरेंस के इंटरव्यू पर बवाल: हाईकोर्ट पहुंचा मामला, दावा- देश में ऐसा पहली बार, केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग

Fri, 17 Mar 2023 10:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 17 Mar 2023 10:44 PM IST
सार

याची ने अपील की है कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया जाए और इस नाकामी के लिए दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए है।

विज्ञापन
Case of Lawrence Bishnoi interview from jail reached Punjab and Haryana High Court
लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से लाइव इंटरव्यू के मामले को देश का पहला ऐसा मामला बताते हुए इसकी केंद्रीय जांच एजेंसियों से निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। रजिस्ट्री में दाखिल की गई इस याचिका पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होगी।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट गौरव भइय्या ने हाईकोर्ट को बताया कि 14 मार्च 2023 को एक निजी चैनल पर शाम पांच बजे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोइ का लाइव इंटरव्यू प्रसारित किया गया था। याची ने बताया कि बिश्नोई के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वर्तमान में वह पंजाब की बठिंडा जेल में बंद है। 
विज्ञापन


लॉरेंस का इंटरव्यू जिस प्रकार से प्रसारित किया गया था वह दर्शाता है कि इसके लिए पूरे स्टूडियो की व्यवस्था की गई थी। जेल मैनुअल के अनुसार किसी कैदी को मोबाइल, इंटरनेट व इस प्रकार की अन्य सुविधाओं की मनाही है बावजूद इसके इस प्रकार का इंटरव्यू पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लॉरेंस के खिलाफ केवल हरियाणा व पंजाब में हर नहीं बल्कि पूरे देश में मामले दर्ज हैं। इस मामले में अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने में जुटे हैं। इंटरव्यू साफ दर्शाता है कि जेल इस प्रकार के अपराधियों के लिए सेफ होम बने हैं, जहां उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।


इंटरव्यू दर्शाता है कि कैसे गैंगस्टर जेल से अपनी मार्केटिंग कर रहे हैं और न्यायिक संस्थानों का मजाक बना रहे हैं। याची ने अपील की है कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया जाए और इस नाकामी के लिए दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed