डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को केस में बड़ी राहत
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पंजाब के बठिंडा में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां को बड़ी राहत देते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने 2007 में दर्ज मामले को खारिज कर दिया है। इस मामले को रद्द करने के लिए डेरा द्वारा उच्च न्यायालय में पिटीशन दायर की गई थी।
वहां से इस पिटीशन को जिले के सेशन जज के पास भेज दिया गया था। मामला 2007 का है। डेरा प्रमुख द्वारा दशम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह का भेष धारण कर जाम-ए-इंसां पिलाने के विरोध में पूरे देश के सिख एकजुट हो गए थे।
इस मामले ने हिंसक रूप धारण कर लिया था। इसी दौरान सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में 2007 में डेरा प्रमुख के विरुद्ध स्थानीय जिला सत्र न्यायालय में अकाली नेता राजिंदर सिंह सिद्धू द्वारा मामला दर्ज करवाया गया था।
डेरा मुखी को निजी तौर पर पेश होने के आदेश
इस मामले को लेकर काफी बवाल हुआ था और न्यायाधीश डेरा प्रमुख को कोर्ट में पेश होने के लिए समन कर रहे थे लेकिन डेरे द्वारा इन समन को लगातार चुनौती दी जा रही थी। 20 मई 2007 को दर्ज मामले की जांच के बाद जिला पुलिस ने न्यायालय में कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी।
इसका विरोध कर सिद्धू ने केस दोबारा चलाने की मांग की थी जिसे लेकर मुख्य दंड अधिकारी रमन कुमार की अदालत ने डेरा मुखी को निजी तौर पर पेश होने के आदेश जारी किए। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने इस बारे में दायर पिटीशन खारिज कर दी तो डेरा इस मामले को उच्च न्यायालय में ले गया।
निश्चित समय पर चालान पेश न करने को लेकर हाईकोर्ट ने यह मामला दोबारा जिला अदालत को भेज दिया। जिला अदालत ने 8 अगस्त को डेरा मुखी को निजी तौर पर हाजिर होने के लिए कहा था।
आखिरकार कोर्ट ने खारिज कर दिया मामला
इन आदेशों को जिला सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई जिस पर न्यायाधीश ने स्टे जारी कर 31 जुलाई तारीख तय कर दी। सुनवाई के बाद 7 अगस्त की तारीख दी गई। वीरवार को कोर्ट में जमकर बहस हुई।
बचाव पक्ष के वकीलों ने दलीलें पेश कर कहा कि 20 मई को दर्ज मामला नियमों के विरुद्ध है। पुलिस तय समय पर चालान पेश नहीं कर सकी और पुलिस ने कैंसलेशन रिपोर्ट भी दाखिल कर दी। इससे साबित होता है कि मामला चलाने का कोई औचित्य नहीं है। इस मामले को खारिज कर दिया जाए।
विरोधी पक्ष द्वारा भी इस मामले को लेकर दलीलें दी गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह की अदालत में पुलिस की कैंसलेशन रिपोर्ट को मंजूर कर मामले को खारिज करने के आदेश जारी कर दिए। डेरे के अनुयायियों ने फैसले पर खुशी जताई है।