Chandigarh News: बढ़ई की बेटी अमनजोत कौर का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन, परिवार में जश्न का माहौल
पिता भूपिंदर सिंह ने कहा कि बेटी को क्रिकेटर बनना था, रास्ते में कई परेशानियां आईं लेकिन मैंने भी ठान लिया था कि बेटी को क्रिकेटर ही बनाऊंगा, इसलिए हर मुश्किल का सामना किया। बेटी के जुनून ने ही उसे आज टीम इंडिया तक पहुंचा दिया है।
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सपने उनके ही सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है... इन पंक्तियों को अमनजोत कौर ने सच कर दिखाया है। अमनजोत का चयन भारतीय महिला सीनियर क्रिकेट टीम में हुआ है। बांग्लादेश के खिलाफ आगामी वनडे और टी-20 सीरीज में वह भारतीय महिला टीम का हिस्सा होंगी।
मोहाली के फेज-5 में रहने वाली अमनजोत कौर एक साधारण परिवार से हैं और उनके पिता बढ़ई का काम करते हैं। मोहाली के पास बलौंगी में उनकी लकड़ी की दुकान है। बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए पिता ने कड़ा संघर्ष किया और उसी का नतीजा है कि आज अमनजोत का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है।
अमनजोत कौर ने चंडीगढ़ में ही क्रिकेट की बारीकियां सीखीं और जमकर पसीना बहाया। अमनजोत कौर के भारतीय टीम में चयन पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। कोच नागेश गुप्ता ने कहा कि उनकी प्रशिक्षु बांग्लादेश के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करेगी। यह पहला मौका है जब इस महिला क्रिकेटर का चयन वनडे सीरीज और टी-20 सीरीज के लिए हुआ है। बांग्लादेश के खिलाफ तीन टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 9 जुलाई को खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 11 जुलाई और तीसरा मुकाबला 13 जुलाई को होना है। वहीं वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 16 जुलाई, दूसरा 19 जुलाई, तीसरा 22 जुलाई को होना है।
पापा की मेहनत रंग लाई, वह सुपर हीरो
चयन के बाद अमनजोत ने कहा कि मेहनत रंग लाई है। अब उम्मीदों पर खरा उतरना है। कहा कि मेरी इस सफलता के पीछे मेरे पिता की मेहनत है। शुरुआती दिनों में जब क्रिकेट में रुचि जगी तो पापा मुझे सेक्टर-26 स्थित सरकारी स्कूल में ले गए। वहां कोच नागेश सर लड़कियों की क्रिकेट अकादमी चलाते थे। पापा घर से रोजाना साइकिल पर बैठाकर मुझे अकादमी लेकर जाते थे। मेरे अभ्यास में कोई रुकावट न आए, इसके लिए पापा कई दिहाड़ी तक छोड़ देते थे। मेरे पापा मेरे लिए सुपर हीरो से कम नहीं हैं। पापा और कोच नागेश सर की बदौलत ही आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं।
लोग कहते थे लड़की होकर क्रिकेट खेलती हो
अमनजोत कौर सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि जब मैंने क्रिकेट में खेलना शुरू किया तो लोग तंज करते थे कि लड़की होकर तुम क्रिकेट खेलती हो, यह तो लड़कों का खेल है। लोगों के तानों ने ही मुझे मजबूत बनाया। कोच ने मुझे तराशकर ऑलराउंडर बनाया। चंडीगढ़ से मैं जूनियर लेवल से सीनियर तक खेली। पिछले साल पंजाब से खेलना शुरू किया क्योंकि पंजाब से खेलने वाली हरमनप्रीत कौर, हरलीन देयोल, तानिया भाटिया भारतीय टीम में खेलतीं थीं।
आज मेहनत सफल हुई, बिटिया ने सिर ऊंचा कर दिया: पिता
पिता भूपिंदर सिंह ने कहा कि बेटी को क्रिकेटर बनना था, रास्ते में कई परेशानियां आईं लेकिन मैंने भी ठान लिया था कि बेटी को क्रिकेटर ही बनाऊंगा, इसलिए हर मुश्किल का सामना किया। बेटी के जुनून ने ही उसे आज टीम इंडिया तक पहुंचा दिया है। आज मेरी मेहनत सही मायनों में सफल हुई है। बिटिया ने आज मेरा और परिवार को सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है।
मोहाली की हरलीन देयोल का भी नेशनल टीम में चयन
एमसीएम डीएवी कॉलेज की छात्रा और मोहाली की ही रहने वालीं हरलीन देयोल का भी चयन हुआ है। हरलीन देयोल पिछले कुछ वर्ष से महिला टीम इंडिया की सदस्य हैं। हरलीन देयोल को वर्ष 2019 में डोमेस्टिक क्रिकेट में किए गए बेहतर प्रदर्शन के आधार पर टीम इंडिया में जगह मिली थी। वनडे में उनका डेब्यू इग्लैंड के खिलाफ मुबंई में फरवरी 2019 में हुआ था जबकि टी-20 में उन्होंने मार्च 2019 में इग्लैंड के खिलाफ ही डेब्यू किया था। अभी तक उन्होने टी-20 में 5 मैचों में 4 इंनिग के दौरान 46 रन बनाए हैं और तीन विकेट झटके हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन देकर 2 विकेट है।