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लापरवाहीः कुत्ते ने काटा, डॉक्टर मीटिंग में गईं, मरीज बिना इलाज लौटे

Wed, 25 May 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/चंडीगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला/चंडीगढ़ Updated Wed, 25 May 2016 01:57 AM IST
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carelessness of doctor in dog biting case, rabies clinic, chandigarh, health news, medical service
प्रतीकात्मक फोटो
कुत्ते ने काटा तो लोग इलाज कराने क्लिनिक गए, लेकिन डॉक्टर मीटिंग में चली गई और लोगों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा। चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित एंटी रैबीज क्लीनिक से डायरिया, बुखार और अन्य बीमारियों के मरीजों को भी मायूस होना पड़ा। क्लीनिक में मुख्य डॉक्टर के न होने के कारण मरीजों को परेशानी हुई।
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डॉ. पूर्णिमा सहगल विभाग की एक बैठक में में गई हुई थीं। उनकी जगह अन्य डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई, इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। डॉग बाइट के शिकार मरीजों को जीएमएसएच-16 की इमरजेंसी में रेफर कर दिया। मरीजों से कहा गया कि वे एहतियात के तौर पर इमरजेंसी में टीका लगवा लें और बुधवार सुबह आठ बजे क्लीनिक में आ जाएं। दूर-दराज से आए मरीजों ने कहा कि वे रुपये खर्च करके क्लीनिक में आए, लेकिन बाद में पता चला कि डॉक्टर नहीं हैं। डॉक्टर यदि मीटिंग में गए हैं तो संबंधित विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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चंडीगढ़ में ऐसे हालात हैं तो बाकी जगहों की व्यवस्था की कल्पना की जा सकती है। डॉक्टरों को भी कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि उन्हें आदेश दिया गया और उन्होंने उसका पालन किया। हालांकि उन मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आई, जिनका इलाज क्लीनिक में पहले से चल रहा था।
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उनके टीके लगाए गए और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इस बारे में जब डॉ. पूर्णिमा सहगल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे 12 बजे तक क्लीनिक में थीं, लेकिन अमर उजाला के पास सुबह 11.36 बजे एक मरीज का फोन आया और उसने बताया कि आज डॉक्टर नहीं हैं, इसलिए उन्हें जीएमएसएच-16 जाना पड़ेगा।

मुझे एक दिन पहले कुत्ते ने काटा था। मैं नया गांव से क्लीनिक में इलाज करवाने आया था, लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर नहीं हैं। अब मुझे जीएमएसएच-16 जाने के लिए कहा गया है।
-बीपी पांडेय, नयागांव

मैं पापा के साथ सेक्टर-45ए से आया हूं, लेकिन क्लीनिक में डॉक्टर नहीं हैं। मेरे पापा के पास ईएसआई कार्ड है। उनसे कहा गया है कि वे ईएसआई क्लीनिक जाकर वहां इंजेक्शन लगवा लें।

- सुमित चौहान, सेक्टर-45ए 

मोहाली से आया हूं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। अब या तो जीएमएसएच-16 जाना पड़ेगा या फिर प्राइवेट हास्पिटल में।
- जसविंदर सिंह, मोहाली

सेक्टर-20 में कुत्तों ने मुझे काटा था। मैं जब यहां पर आया तो पता चला कि इलाज नहीं हो पाएगा। बुधवार को फिर आना होगा। वजह पूछने पर पता चला कि डॉक्टर नहीं आए हैं, बुधवार को आएंगे।
- राकेश कुमार, निवासी सेक्टर-20-

मैं सुबह 12 बजे तक क्लीनिक में थी। इसके बाद डिपार्टमेंट की मीटिंग में जाना पड़ा। क्लीनिक में दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था नहीं है।
- डॉ. पूर्णिमा सहगल, इंचार्ज, एंटी रैबीज क्लीनिक।
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