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सावधानी से निकलिए.. अपनी जान के रखवाले आप खुद हैं

Sat, 24 Oct 2020 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2020 02:15 AM IST
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Carefully cross .. you save your lives
मनीमाजरा। यूटी प्रशासन का ट्रैफिक विभाग यूं तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर काफी सतर्क है। शहर के बड़े चौकों पर विभाग ने बढ़िया कैमरे लगा रखे हैं ताकि कोई नियमों का उल्लंघन न करे।
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वहीं शिमला-कालका हाईवे पर पड़ते शहर के सबसे व्यस्तम चौक रेलवे लाइट प्वाइंट पर आईटी पार्क की ओर से आते हुए लोगों को मात्र 9 सेकेंड के लिए हरी लाइट मिलती है। इतना ही नहीं, वहां पर टाइमर न लगा होने के कारण लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि यह लाइट इतने कम समय के लिए है। इस कारण कई बार लोग जब लोग हरी लाइट होने पर रेलवे स्टेशन की तरफ निकलते हैं तो कुछ ही देर में लाल लाइट होने के बाद शिमला-कालका की तरफ से आ रहे ट्रैफिक को हरी लाइट मिलने पर वे चलने लगते हैं और इस दौरान दूसरी तरफ से निकले लोग फंस जाते हैं। कई बार तो इस आपाधापी में यहां पर हादसे भी हो चुके हैं।
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इस बारे में जब सिग्नल पर खड़े आईटी पार्क की ओर से दड़वा की ओर जाने वाले राम प्यारे से बात की तो उन्होंने बताया कि वे रोजाना इसी रास्ते से जाते हैं और उन्हें तो इस बात का पता चल गया है कि यह लाइट बहुत थोड़े समय के लिए होती है। इसलिए वे काफी सतर्क रहकर इस चौराहे को पार करते हैं। वहीं वे कई बार कुछ ऐसे लोगों को यहां शिमला-कालका हाईवे की ओर से आए ट्रैफिक में फंसा हुआ देख चुके हैं। इस सबका कारण इस लाइट का कम समय के लिए होना है। उन्होंने विभाग से मांग करते हुए कहा कि बेशक शिमला-कालका हाईवे पर भारी आवाजाही होने के चलते अंदरूनी रास्तों वालों को कम समय के लिए सिग्नल मिलना चाहिए पर यह कम से कम 30 सेकेंड का तो होना चाहिए ताकि लोग बिना आपाधापी के निकल सकें और इस चौक पर हो रहे हादसों में कमी आ सके।
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इस चौक पर आईटी पार्क की ओर से कार में आ रहे विपन कुमार ने कहा कि करीब डेढ़ साल पहले कम समय के लिए ग्रीन लाइट होने के कारण एक कार की शिमला-कालका की ओर से आई तेज रफ्तार कार से भिड़ंत हो गई थी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने इस लाइट का समय बढ़ाने की मांग की।
क्या कहते हैं लोग (फोटो सहित) 23ctychd117app
ग्रीन लाइट का समय बढ़ाने के साथ टाइमर लगाए विभाग
मैं कई बार काम के सिलसिले में किशनगढ़ आता रहता हूं। वापसी के वक्त मैंने कई बार देखा है कि ग्रीन लाइट के कम समय के लिए होने के कारण यहां पर कई बार बुजुर्ग शिमला-कालका की ओर से आती आवाजाही के बीच में फंसकर हादसे का शिकार होते-होते बचे हैं। एक तो विभाग को इन लाइट का समय बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही यहां पर टाइमर लगाने चाहिएं ताकि लोगों को पता चल सके कि ग्रीन लाइट कितने समय के लिए हुई है। -गुरविंदर सिंह, वासी दड़वा
इस सड़क से भी गुजरता है भारी ट्रैफिक (फोटो सहित)
मैं रोजाना इस सड़क से औद्योगिक क्षेत्र स्थित अपने ऑफिस जाता हूं तो मैंने देखा है कि आईटी पार्क से लेकर पंचकूला की तरफ से आने वाला ट्रैफिक और मनीमाजरा व आसपास का सारा ट्रैफिक इसी सड़क से होता हुआ रेलवे लाइट क्रॉस करके रेलवे स्टेशन, इंडस्ट्री एरिया या चंडीगढ़ की तरफ जाता है, लेकिन उसके बावजूद कम समय तक ग्रीन लाइट होने के कारण लोगों को हर बार समस्या झेलनी पड़ती है। -अरविंद दुबे, प्रधान रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन, मनीमाजरा

कोट
पहले पंचकूला और चंडीगढ़ के भारी ट्रैफिक को देखते हुए आईटी पार्क की तरफ से आने वाली सड़क की ग्रीन बेल्ट का समय कम किया गया था। पहले इस सड़क से कम वाहन गुजरते थे लेकिन अब अगर इस सड़क से भी भारी संख्या में वहां आना शुरू हो गए हैं तो वह एसएसपी ट्रैफिक को इस समस्या के बारे में बताकर इस तरफ की ग्रीन लाइट का समय बढ़वाने के साथ टाइमर भी लगवा देंगे। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को लगाकर यहां की पूरी जांच करवा कर यातायात को सुचारू करने का पूरा प्रयास करेंगे। -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी ट्रैफिक
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