वित्तमंत्री जेटली की रैली में न सिद्धू पहुंचे और न ही कैप्टन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली व सिद्धू दंपति के बीच पैदा हुई तल्खी लगता है अभी तक खत्म नहीं हुई। यही वजह है कि अकाली-भाजपा गठजोड़ की ओर से आयोजित रैली में सिद्धू दंपति शामिल नहीं हुए। भाजपा हाईकमान ने लोकसभा चुनाव में सिद्धू का टिकट काट कर अरुण जेटली को देकर अमृतसर संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था।
इसी बात को लेकर कभी राजनीति में अरुण जेटली को गुरु का दर्जा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। इन्हीं मतभेदों के चलते जे टली के चुनाव प्रचार में सिद्धू नहीं आए थे। अरुण जेटली की रैली के लिए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू व नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी ने न्यौता दे रखा था।
डॉ. सिद्धू के निजी सचिव गौरव वासुदेव ने बताया कि मैडम दिल्ली में हैं। नवजोत सिंह सिद्धू को भी बार-बार फोन करके सब कुछ जानने की कोशिश की गई पर उन्होंने काल रिसीव नहीं की।
बुलावे के बावजूद भी कैप्टन भी नहीं गए
लोकसभा चुनाव में करारी पराजय के बाद पहली बार गुरुनगरी आ रहे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सियासी मर्यादा का ख्याल रखते हुए अपने मंच पर आने के लिए सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी पंजाब सरकार की ओर न्योता भिजवाया था।
यहां तक कि कैप्टन का नाम मुख्य स्टेज की बैक पर लगे बड़े होर्डिंग पर भी अंकित था। कैप्टन को विशेष मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था।
इतना ही नहीं राज्य स्तरीय समागम के लिए जारी सरकारी विज्ञापन में भी कैप्टन के नाम का जिक्र है। वह रैली में शामिल नहीं हुए। कांग्रेसियों का कहना है कि जनसंपर्क अभियान में व्यस्तता के कारण वह खुद इस रैली में नहीं आए है।