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जहरीली शराब कांड: पंजाब में मकोका की तर्ज पर पकोका की तैयारी, कैप्टन ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 06 Aug 2020 12:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 06 Aug 2020 12:37 AM IST
सार

  • कैप्टन ने आरोपियों पर कत्ल का केस दर्ज करने का आदेश दिया
  • पंजाब कैबिनेट ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा दो मिनट का मौन 
  • शराब तस्करों की सजा बढ़ाने को पकोका जैसा कानून लाने पर विचार

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Captain ordered to register case of murder on the accused of Poisonous liquor scandal
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जहरीली शराब मामले में राजनीतिक दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीजीपी को इस मामले में सीधे तौर पर शामिल लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 के तहत कत्ल का केस दर्ज करने का आदेश दिया। कैप्टन के नेतृत्व में कैबिनेट ने इस दुखद घटना के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा।

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कैबिनेट की मीटिंग के दौरान कई मंत्रियों ने एडवोकेट जनरल अतुल नंदा के सुझाव से सहमति प्रकट की कि अवैध शराब की तस्करी जैसे संगठित अपराध पर काबू पाने के लिए पंजाब कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (पकोका) जैसा सख्त कानून लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के नेतृत्व में गठित सब-कमेटी को प्रस्तावित कानून के उपबंधों को जांचने और अंतिम रूप देकर रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा। 
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धंधा खत्म करो, सरहदी इलाके साफ करो: कैप्टन
जहरीली शराब मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुलिस और जिला प्रशासन को आदेश दिया कि इस धंधे को खत्म करो, सरहदी इलाकों को साफ करो। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई इस बैठक में डीजीपी दिनकर गुप्ता और मुख्य सचिव विनी महाजन के अलावा तरनतारन, अमृतसर देहात और गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नरों और जिला पुलिस मुखियों और आबकारी एवं कर विभाग के अधिकारी शामिल थे। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहदी इलाकों में लाहन के प्रयोग से अवैध शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पड़ोसी राज्यों से तस्करी के नए रुझान से अब यह स्थिति खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को अपराधियों से निपटते समय पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।

पीड़ितों को अतिरिक्त राहत देने की तैयारी
कैप्टन ने कहा कि पीड़ित बहुत गरीब परिवारों से संबंधित हैं। उन्होंने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों और पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के परिवारों की पहचान करने और अतिरिक्त राहत मुहैया करवाने की प्रक्रिया के लिए दस दिन की समय-सीमा दी है। मुख्यमंत्री द्वारा इस दुखद घटना का शिकार हुए प्रति परिवार के लिए 2 लाख की एक्स-ग्रेशिया सहायता का एलान किया गया है। इस घटना में अब तक 113 व्यक्तियों ने जान गंवाई है और कई उपचाराधीन हैं, जिन्हें अस्पतालों में मुफ्त इलाज मुहैया करवाया जा रहा है।

तीनों जिलों के डीसी ने क्या कहा
कुलवंत सिंह डिप्टी कमिश्नर तरनतारन ने कहा कि उनके जिले में 84 मौतें रिपोर्ट हुई हैं और 13 व्यक्ति उपचाराधीन हैं। इन 13 में से 6 को आंखों के इलाज के लिए अमृतसर स्थानांतरित किया गया है जबकि एक की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री द्वारा मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों के लिए घोषित 2 लाख एक्स-ग्रेशिया सहायता गुरुवार को मुहैया करवाई जाएगी। 

गैर-सरकारी संस्थाओं सहित बाल कल्याण समिति को पीड़ित परिवारों के बच्चों की काउंसिलिंग के लिए लगाया गया है। इनमें वह दो बच्चे भी हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। रोजगार योग्य आयु वाले बच्चों को स्व-रोजगार के लिए सहायता दी जाएगी जबकि विधवाओं को गुजारे के लिए अन्य सहायता के अलावा सिलाई मशीनें दी जाएंगी। गुरप्रीत खैरा डिप्टी कमिश्नर अमृतसर ने बताया कि उनके जिले में 15 मौतें रिपोर्ट हुई हैं। परिवारों को बिना किसी देरी के राहत मुहैया करवाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद इशफाक ने बताया कि प्रभावित लोगों को राशन किटें मुहैया करवाई गई हैं। लोगों को उनके पास पड़ी अवैध शराब नष्ट करने और शराब की खपत के बारे में जागरूक करने की मुहिम चलाई गई है।

स्पिरिट के लिए कलर-कोडिंग का सुझाव
बॉर्डर रेंज के आईजी एसपीएस परमार ने बताया कि आबकारी एक्ट और आईपीसी की धारा 304 के अंतर्गत केस दर्ज किए गए हैं और अपराधियों की पहचान करने और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई शुरू करने के लिए सरहदी क्षेत्रों में साझे छापे मारने की मुहिम शुरू की जा चुकी है। शुरुआती तौर पर तरनतारन के पीड़ितों के परिवारों, जिन्होंने सबसे ज्यादा जानें गवाई हैं, द्वारा मौतों को छुपाया गया और पोस्टमॉर्टम के बिना ही संस्कार कर दिए गए। उन्होंने इथेनॉल और अन्य स्पिरिट के लिए कलर-कोडिंग चालू करने का सुझाव दिया, ताकि ऐसे पदार्थों की अवैध बिक्री/वितरण को रोका जा सके।

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