मोदी टीम के 'शाह' को कांग्रेस का 'कैप्टन' चैलेंज
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कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी से मुलाकात से उत्साहित कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर भाजपा के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। कैप्टन 22 जनवरी को अमृतसर में होने जा रही भाजपा की रैली के समानांतर ‘ललकार’ रैली करने जा रहे हैं।
दरअसल, रविवार को कैप्टन के पटियाला आवास पर लंच का आयोजन किया गया था। प्रदेश कांग्रेस के दिग्गजों ने इसमें पहुंचकर कैप्टन के नेतृत्व में अपना भरोसा जताया और उनसे सक्रिय होने का अनुरोध किया।
इसी का नतीजा है कि कैप्टन ने 22 को ही अमृतसर में रैली करने का फैसला लिया। लंच में राज्य के 117 हलकों से करीब 110 जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें 35 मौजूदा विधायकों समेत कई पराजित विधायक भी थे।
सीएलपी लीडर सुनील जाखड़, सांसद रवनीत बिट्टू, यूथ कांग्रेस प्रधान बिक्रम चौधरी और बड़ी संख्या में जिला प्रधान भी लंच में शामिल हुए।
फिर से राजनीति में आने को तैयार कैप्टन
जानकारी के मुताबिक, समर्थकों ने कैप्टन से कहा कि वही पार्टी को बेहतर नेतृत्व दे सकते हैं इसलिए अब वे सक्रिय हों और नशों के खिलाफ अभियान शुरू करें। कैप्टन ने कहा कि हाईकमान उनके प्रति पॉजिटिव है। वह फिर से एक्टिव होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
22 को अमृतसर में होने वाली ललकार रैली के दौरान भाजपा प्रधान अमित शाह और कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया कैप्टन के निशाने पर रहेंगे। इस रैली के बाद कैप्टन प्रत्येक जिले में नशे के खिलाफ रैली कर कांग्रेस वर्करों को लामबंद करेंगे।
एक तीर से दो निशाने
1. रैली में प्रदेश भर से कांग्रेस वर्कर बुलाकर भाजपा को अपने सामर्थ्य का एहसास दिलाना
2. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बाजवा को दरकिनार कर हाईकमान की नजर में खुद की ताकत दिखाना
दिग्गजों ने भरोसा जताया
117 हलकों के 110 जनप्रतिनिधि पहुंचे कैप्टन के लंच में
35 मौजूदा विधायक और कई अन्य कांग्रेसी नेता भी शामिल
पहले बाजवा, अब कैप्टन की बारी
कैप्टन के तेवरों से साफ है कि अब वह प्रताप बाजवा के समानांतर कांग्रेस चलाएंगे। बता दें कि बाजवा ने भी कुछ समय पहले नशों के खिलाफ अभियान छेड़ा था, लेकिन उस अभियान में कैप्टन गुट शामिल नहीं हुआ था। अब कैप्टन इसी मुद्दे को लेकर शक्ति प्रदर्शन के मूड में हैं।
नहीं पहुंचे भट्ठल-वड़िंग
कैप्टन अमरिंदर सिंह के लंच में शामिल न होने वाली प्रमुख शख्सीयतों में पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी थे। वड़िंग को बाजवा गुट की पहल पर यह पद मिला है, इसलिए उनके आने की उम्मीद नहीं थी। इनके अलावा विधायकों में कुलजीत नागरा, राकेश पांडे, सुरिंदर डाबर भी लंच में शामिल नहीं हुए।
बीर दविंदर ने चौंकाया
पंजाब विधानसभा के पूर्व स्पीकर बीर दविंदर न सिर्फ लंच में पहुंचे, उन्होंने करीब बीस मिनट संबोधित भी किया। दिलचस्प बात यह है कि हाशिए पर चल रहे बीर दविंदर को लोकसभा चुनाव से पहले प्रताप बाजवा पार्टी में लाए थे लेकिन वह बाजवा को छोड़ कर कैप्टन के लंच में पहुंच गए।