कृषि कानून: भगत सिंह के गांव पहुंचे अमरिंदर सिंह, बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएगी पंजाब सरकार
- कहा- कृषि राज्य का विषय, केंद्र ने अधिकार छीनने की कोशिश की
- खटकड़कलां में शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि किसानों के हक की लड़ाई में सरकार को सुखबीर बादल की किसी तरह की मदद की जरूरत नहीं है। प्रदेश में अकाली दल जनाधार खो चुका है। प्रदेश सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रही है। कृषि राज्य का विषय है लेकिन केंद्र सरकार ने नया कृषि कानून लाकर राज्य के अधिकारों को छीनने की कोशिश की है।
कैप्टन शहीद-ए-आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने खटकड़कलां पहुंचे थे। कैप्टन ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में उनकी सरकार ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के विरोध में बेहद अच्छा काम किया है लेकिन केंद्र सरकार ने नया कानून लाकर प्रदेश की शांति बिगाड़ दी है।
उन्होंने यह बात पंजाब में आईएसआई की ओर से कृषि मुद्दे पर किसी तरह की कार्रवाई होने के सवाल में कही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदेश के किसानों में हक उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी से निवेदन करेंगे कि पंजाब में किसानों की लड़ाई में जरूर शिरकत करें।
कैप्टन ने कहा आईएसआई माहौल बिगड़ने पर लाभ लेने की कोशिश करती है लेकिन उनकी सरकार पंजाब का माहौल नहीं बिगड़ने देगी। उन्होंने कहा कि नए कानून आने के बाद प्रदेश में स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत, पंजाब प्रधान सुनील जाखड़, विधायक चौधरी दर्शन लाल मंगुपुर, विधायक अंगद सिंह, जिला प्लानिंग बोर्ड चेयरमैन सतबीर पल्ली झिक्की, करीब 30 विधायक व सांसद भी खटकड़कलां पहुंचे और शहीद को नमन करने के बाद केंद्र के नए कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन भी किया।
[Live]: At Khatkar Kalan - Birthplace of Shaheed-e-Azam Bhagat Singh Ji to pay tributes to the great son of Punjab on his Birth Anniversary. https://t.co/xc8pHIuIS9— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) September 28, 2020
खटकड़ कलां में मुख्यमंत्री का धरना शहीद-ए-आजम का अपमान: शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार को खटकड़ कलां में कैप्टन अमरिंदर सिंह के धरने को महत्वपूर्ण स्थान पर शर्मनाक राजनीतिक नाटक बताया है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अगर उन्हें वहां जाना था तो उन्हे पंजाब राज्य में केंद्र के कृषि कानून को अमान्य करने के कृषि बाजार घोषित करने वाला अध्यादेश जारी करने के बाद ऐसा करना चाहिए था।
अकाली दल अध्यक्ष ने नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोगों ने कुछ साल पहले खटकड़ कलां की मिट्टी की शपथ लेते हुए पीपीपी नामक पार्टी शुरू की थी। अब उस पार्टी के संस्थापक कहां हैं? वह पार्टी कहां हैं? और वह शपथ कहां है? वो लोग जिन्होंने पार्टी शहीद-ए-आजम की कसम खाई थी वे अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, वो पार्टी जिसका शहीद-ए-आजम ने विरोध किया था।
बादल ने खटकड़ कलां में राजनीतिक नाटक से वास्तव में महान शख्सियत का अपमान किया है जिसका वास्तव में उन्होंने विरोध किया था। इससे पहले शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शहीद भगत सिंह की 113वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्ष दृष्टि और महानतम देशभक्ति की समतावादी विचारधारा आज की तुलना में देश के लिए कभी ज्यादा प्रासंगिक नहीं थी।