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मोदी संग मीटिंग: कैप्टन ने नई टीकाकरण नीति को बताया पक्षपाती, केंद्र-राज्यों की बराबर हिस्सेदारी की मांग
Fri, 23 Apr 2021 05:21 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 23 Apr 2021 05:21 PM IST
सार
कैप्टन ने शुक्रवार को 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए शुरू होने वाले टीकाकरण के लिए केंद्र और राज्यों की बराबर हिस्सेदारी की मांग की।
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प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल बैठक में हिस्सा लेते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा 18 वर्ष से अधिक उम्र के लिए बनाई नई टीकाकरण नीति को राज्यों के लिए पक्षपाती करार दिया है। कैप्टन ने शुक्रवार को 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए शुरू होने वाले टीकाकरण के लिए केंद्र और राज्यों की बराबर हिस्सेदारी की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने ऑक्सीजन सप्लाई यकीनी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग भी की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा ऑक्सीजन की मांग को कम से कम करने के लिए सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं। कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बुलाई गई वर्चुअल कांफ्रेंस में कैप्टन ने मांग की कि भारत सरकार यह जरूर यकीनी बनाए कि दूसरे राज्यों में लिक्विड ऑक्सीजन उत्पादकों द्वारा इसके आवंटन संबंधी अपनी सभी वचनबद्धताओं का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में यह हो नहीं रहा। पंजाब में ऑक्सीजन की सप्लाई हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से होती है और सप्लाई को हाईजैक किए जाने की खबरें हैं।
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टीका न मिलने के कारण टीकाकरण की रफ्तार घटी
टीकाकरण की मुहिम के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि एक निर्माता द्वारा घोषित की गई दरों पर पंजाब सरकार को 1000 करोड़ रुपये से अधिक लागत आएगी। उन्होंने टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार की फंडिंग की मांग की और अंतरिम तौर पर एसडीआरएफ फंड में से जायज खर्च करने की आज्ञा भी मांगी।
उन्होंने कहा कि आखिरी टीकाकरण बूथ तक सप्लाई चेन जारी रखने के लिए रेगुलर टीकाकरण सप्लाई जरूर यकीनी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सप्लाई की कमी के कारण पिछले एक हफ्ते से टीकाकरण मुहिम की रफ्तार घटी है जोकि 75-80 हजार रोजाना की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को गुरुवार को जो ताजा सप्लाई मिली है, टीकाकरण की मांग बढ़ने से वह सिर्फ तीन दिन तक ही चलेगा।
उन्होंने कहा कि आखिरी टीकाकरण बूथ तक सप्लाई चेन जारी रखने के लिए रेगुलर टीकाकरण सप्लाई जरूर यकीनी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सप्लाई की कमी के कारण पिछले एक हफ्ते से टीकाकरण मुहिम की रफ्तार घटी है जोकि 75-80 हजार रोजाना की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को गुरुवार को जो ताजा सप्लाई मिली है, टीकाकरण की मांग बढ़ने से वह सिर्फ तीन दिन तक ही चलेगा।
रेमेडिसिविर और टोसी दवाओं की कमी और कालाबाजारी शुरू
मुख्यमंत्री ने रेमेडिसिविर और टोसी जैसी दवाओं की कमी और कालाबाजारी की तरफ भी इशारा किया, जो आम लोगों में बहुत दहशत पैदा कर रही है। राज्य में एंटी-वायरल रेमेडिसिविर टीकों की कमी और टोसी टीकों की जीरो उपलब्धता की तरफ इशारा करते हुए कैप्टन ने कहा कि हालांकि अस्पताल गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रोटोकोल का पालन कर रहे हैं और वैकल्पिक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वह केंद्रीय संस्थाओं जैसे एम्स बठिंडा, पीजीआई सैटेलाइट केंद्र और पंजाब के मिलिट्री अस्पताल को अतिरिक्त कोविड बैड मुहैया कराने के आदेश दें। राज्य में 1.4 प्रतिशत मौत दर के साथ कोविड की गंभीर स्थिति की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सीएसआईआर की तरफ से पेश किया बुनियादी ढांचा इस मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वह केंद्रीय संस्थाओं जैसे एम्स बठिंडा, पीजीआई सैटेलाइट केंद्र और पंजाब के मिलिट्री अस्पताल को अतिरिक्त कोविड बैड मुहैया कराने के आदेश दें। राज्य में 1.4 प्रतिशत मौत दर के साथ कोविड की गंभीर स्थिति की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सीएसआईआर की तरफ से पेश किया बुनियादी ढांचा इस मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।