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पंजाब: भाजपा में नहीं जा रहा लेकिन कांग्रेस में भी नहीं रहूंगा, अमरिंदर सिंह ने ट्विटर पर पार्टी से तोड़ा नाता

Thu, 30 Sep 2021 01:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 30 Sep 2021 01:50 PM IST
सार

एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कैप्टन ने कहा कि वे भाजपा में नहीं जा रहे लेकिन कांग्रेस को छोड़ेंगे। वे ज्यादा अपमान सहन नहीं कर सकते।

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Captain Amarinder Singh decides to Quits Congress Party
कैप्टन की नई प्रोफाइल फोटो। - फोटो : twitter @capt_amarinder

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा कर दी है। गुरुवार शाम को पहले तो उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस से जुड़ी सारी जानकारियां हटाईं और उसके बाद पत्रकारों के सामने कहा कि अब वो कांग्रेस में नहीं हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वह पंजाब विधानसभा के पटल पर शक्ति परीक्षण कराने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने एक बार फिर ये बात दोहरायी कि वह भाजपा में नहीं जा रहे हैं।

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इससे पहले दिन में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कैप्टन ने कांग्रेस पार्टी नेतृत्व पर खुद को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं 52 साल से राजनीति और कांग्रेस में हूं। अगर 50 साल बाद मेरी विश्वसनीयता पर संदेह किया गया, मुझ पर भरोसा नहीं किया गया तो बाकी क्या रह गया।

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दूसरी ओर अमरिंदर ने भविष्य की अपनी योजना का खुलासा तो नहीं किया लेकिन बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद बृहस्पतिवार को उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मुलाकात की। शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि कृषि कानूनों के मुद्दे पर बात करने गया था उसी तरह डोभाल से मिलने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर बात होने की खबर सामने आई। दिलचस्प बात ये थी कि कैप्टन से करीब 30 मिनट तक बात करने के बाद डोभाल अमित शाह से मुलाकात करने उनके घर चले पहुंचे। 



अमरिंदर के सामने विकल्प सीमित
अमरिंदर का पहला लक्ष्य किसी भी तरह कांग्रेस को पंजाब की सत्ता से बेदखल करना है। हालांकि उनके पास सीमित विकल्प हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा में बमुश्किल चार महीने ही बचे होने के कारण वह आनन-फानन नई पार्टी बनाने की स्थिति में नहीं हैं। दूसरा विकल्प भाजपा में शामिल होकर विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा बनने की है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अमरिंदर को राज्यसभा भेजने और चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने का भी प्रस्ताव दिया है।

सिद्धू जहां से चुनाव लड़े, उसे जीतने नहीं दूंगा
कैप्टन ने फिर दोहराया, सिद्धू को पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी देना सही नहीं है। वे सिर्फ कपिल शर्मा शो के लिए ही फिट हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू जहां से भी लड़ेगा, मैं उसे जीतने नहीं दूंगा। उधर, सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं ही कोई बेवफा नहीं होता। 

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