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शिअद का किसान मार्च विफल, हरसिमरत के इस्तीफे का बलिदान ढकोसला: कैप्टन अमरिंदर सिंह
Fri, 02 Oct 2020 09:21 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Oct 2020 09:21 PM IST
सार
- कैप्टन बोले- पंजाब के हितों की रक्षा के लिए-मैं भी दे चुका हूं दो बार संसद से इस्तीफा
- सूबे के सरपंचों को संबोधित करते हुए सीएम ने कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की
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हरसिमरत कौर बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के किसान मार्च को पूरी तरह से विफल करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत कौर का केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा का दांव भी शिअद के काम नहीं आया।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिविल सचिवालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य के सरपंचों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान की भी शुरुआत की।
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कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस के राज्य में हस्ताक्षर अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय मंत्रालय से इस्तीफे को राजनीतिक ड्रामेबाजी बताया। उन्होंने कहा कि अकाली दल इस इस्तीफे को पंजाब के प्रति अपनी जिम्मेदारी दिखाने की बजाय बड़े बलिदान का राग अलाप रहा है।
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मैंने भी पंजाब के हितों की रक्षा के लिए संसद से दो बार इस्तीफा दिया है। अकाली दल के किसान मार्च को पूर्ण तौर पर विफल बताते हुए कैप्टन ने कहा कि यह सिर्फ राज्य के माहौल को खराब करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कृषि कानूनों को कानूनी तौर पर चुनौती देगी।
यह राजनीतिक लड़ाई भाजपा या कांग्रेस के बारे में नहीं बल्कि यह हमारी किसानी, पंजाब और हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। इस अवसर पर पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ और पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लो मौजूद रहे।