कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले-बरगाड़ी केस की जांच में सीबीआई पर कोई भरोसा नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि बरगाड़ी मामले की जांच संबंधी राज्य सरकार को सीबीआई पर कोई भरोसा नहीं है और वह बरगाड़ी मामले की जांच वापस पंजाब पुलिस के हाथ देने की राह में बादलों को किसी भी कीमत पर रोड़ा अटकाने नहीं देंगे। राज्य सरकार द्वारा सीबीआई की तरफ से बरगाड़ी मामलों की जांच विशेष जांच टीम को सौंपने के फैसले का अदालत में औपचारिक रूप से विरोध करने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई स्पष्ट तौर पर बादलों के इशारे पर और केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही हैं, जो जांच को आगे ले जाने में रुकावट पैदा कर रहे हैं।
अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के तीन माह बाद इन मामलों की जांच विशेष जांच टीम को सौंपने का निर्णय स्पष्ट रूप से जांच को लटकाने और राज्य सरकार को जांच सौंपने की राह में रोड़ा अटकाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अदालत में सीबीआई का विरोध जारी रखेगी और राज्य को जांच वापस सौंपने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को न्याय मिले बिना उनसे धोखा करके किसी को भी बच निकलने की आज्ञा नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई ने पूरे मामले में पक्षपातपूर्ण भूमिका को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्लोजर रिपोर्ट के संबंध में बार-बार किए अनुरोध और प्रयास के बावजूद राष्ट्रीय एजेंसी पंजाब पुलिस को केस संबंधी दस्तावेज सौंपने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि यह एजेंसी द्वारा जानबूझकर किया गया है, ताकि एजेंसी को केस एसआईटी के हाथ देने का समय मिल सके और जांच को फिर लटकाया जाए। उन्होंने कहा कि सीबीआई यह पूरी तरह से बादलों के प्रभाव अधीन काम कर रही है, जो इन मामलों में निष्पक्ष जांच करवाने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है।
हरसिमरत केंद्र पर दबाव डालें या इस्तीफा दें : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पर बरसते हुए कहा कि वह (हरसिमरत) राज्य को जांच वापस सौंपने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालें या फिर इस्तीफा दे दें। उन्होंने हरसिमरत कौर को याद दिलाया कि सीबीआई से जांच वापस लेने के लिए विधानसभा में आपसी सहमति के साथ लिए फैसले में उनकी पार्टी (शिअद) भी शामिल थी। जब वह (हरसिमरत) सिख अधिकारों और भावनाओं के रक्षक बनते हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए बरगाड़ी मामलों की जांच केंद्र सरकार से वापस लेकर पंजाब पुलिस को सौंपने के लिए संघर्ष करके अपनी विश्वसनीयता साबित करें।
सीबीआई को जांच जारी रखने का कानूनी अधिकार नहीं : एजी
पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कहा है कि राज्य सरकार अदालत में सीबीआई के फैसले के खिलाफ इस आधार पर केस लड़ रही है कि जब 6 सितंबर को दिल्ली पुलिस एस्टेबलिशमेंट एक्ट की धारा 6 के तहत एक बार अपनी सहमति वापस ले ली गई तो सीबीआई को जांच जारी रखने का कोई अधिकार नहीं है।
सीबीआई कानून के अनुसार पाबंद है कि हमें सभी कागजात सौंप दे, जैसा कि विधानसभा ने चाहा है और हमारी एसआईटी को पूरा मामला अपने हाथों में ले लेना चाहिये, ताकि वह आगे काम कर सकें, जो सीबीआई ने तीन वर्षों में नहीं किया। राज्य पुलिस थोड़े समय में ही नतीजे निकालने में समर्थ है। अदालत में अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को है।
सीबीआई का बरगाड़ी की दोबारा जांच करना विधानसभा का अपमान : रंधावा
सीबीआई द्वारा नई जांच के जरिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं की दोबारा जांच करने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पंजाब के सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि यह फैसला पंजाब विधानसभा की सीधे तौर पर मानहानि है, जहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके इस मामले की जांच सीबीआई से वापस ले ली गई थी।