पंजाब में गरमाई सियासत, सीएम कैप्टन ने माना-केंद्र को भेजा राजोआना सहित 17 कैदियों के नाम
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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में शामिल आतंकी संगठन बब्बर खालसा के सदस्य बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने के खिलाफ सांसद रवनीत बिट्टू विरोध जता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस फैसले से सहमत हैं। उन्होंने सोमवार को लुधियाना में रवनीत बिट्टू के सामने ही कहा कि वह फांसी की सजा के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में भी मैंने कहा था कि वे फांसी के विरोधी हैं। इसकी जगह उम्रकैद की सजा होनी चाहिए। आज भी वे अपने स्टैंड पर कायम हैं। कुछ समय पहले जब वे दिल्ली गए थे तो केंद्र सरकार ने उनसे ऐसे कैदियों की सूची भेजने को कहा जो लंबे समय से जेल में बंद हैं। उन्होंने राजोआना, आतंकी जगतार सिंह हवारा, आतंकी दविंदर पाल सिंह भुल्लर सहित 17 लोगों की सूची केंद्र सरकार को भेजी थी जो 15 साल की सजा काट चुके हैं।
इसमें नौ को केंद्र सरकार ने चुना है। इनमें से किनका नाम केंद्र ने चुना है, इसकी सूची पंजाब सरकार के पास नहीं पहुंची है। गौरतलब है कि राजोआना को फांसी की सजा से राहत दी गई है जबकि आठ अन्य कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया गया है।
मैं पुराना फौजी हां, सारेआ नूं सीधा करके रखदूं :
कैप्टन अमरिंदर सिंह हलका दाखा से कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन संदीप संधू का नामांकन पत्र दाखिल करवाने के लिए लुधियाना पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कोई सोचता है कि जो ये व्यक्ति छोड़े गए हैं, उससे पंजाब का माहौल खराब होगा तो वे गलत हैं। पंजाब की शांति को किसी कीमत पर भंग नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैं इक पुराना फौजी इत्थे बैठा हां, सारेआ नूं सीधा करके रखदूं।’
मैं मोदी की जगह होता तो हरसिमरत को कैबिनेट से बाहर कर देता :
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा लगाए आरोप कि बठिंडा एम्स योजना में देरी के पीछे पंजाब सरकार का हाथ है, इस पर कैप्टन ने कहा कि वे तो कुछ भी बोल देती हैं। अगर मैं मोदी की जगह होता तो उन्हें कब का कैबिनेट से बाहर निकाल देता। वहीं मजीठिया द्वारा पंजाब में खालिस्तान को बढ़ावा देने के सवाल पर कैप्टन बोले, ‘भैण-भरा दोवे कमले ने।’
सिख कैदियों की रिहाई का क्रेडिट न लें सीएम: भाजपा
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सिख कैदियों की रिहाई का क्रेडिट न लें। वे तो सिख कत्लेआम के लिए जिम्मेदार कांग्रेस नेताओं के संबंध में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखें। कैप्टन को इस मामले में अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। मोदी सरकार ने सिख दंगों के 40 केस दोबारा खुलवाए। करतारपुर कॉरिडोर बनवाया और ब्लैक लिस्ट खत्म की। अब सिख कैदियों की रिहाई का फैसला लिया। तरुण चुघ, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव