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कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कैप्टन ने 14 जनवरी को बुलाई कैबिनेट की बैठक
Wed, 13 Jan 2021 12:08 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 13 Jan 2021 12:08 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों को लागू करने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक से पैदा हुए हालात पर विचार विमर्श के लिए 14 जनवरी को कैबिनेट की बैठक बुला ली है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
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उनके ट्वीट के अनुसार मुख्यमंत्री ने राज्य के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति उपलब्ध कराने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को शाम चार बजे बुलाई कैबिनेट की बैठक में विचार विमर्श किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार पहले ही उक्त तीनों कृषि कानूनों को खारिज करते हुए इनके खिलाफ विधानसभा में संशोधन बिल पारित कर चुकी है।
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सरकार ने अपने संशोधन बिलों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को सौंप दिया है लेकिन राज्यपाल की तरफ से अब तक राज्य सरकार के संशोधित बिलों को राष्ट्रपति को नहीं भेजा गया है। दूसरी ओर इन बिलों को मंजूर कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं भी राष्ट्रपति से मिलने का समय मांग चुके हैं लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया गया। गौरतलब है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ मौजूदा किसान आंदोलन का खुलकर समर्थन कर रही है।
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विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने दी लोहड़ी की बधाई
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने लोगों को लोहड़ी की बधाई दी। खेती कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों की चढ़दी कला के लिए अरदास करने के अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि किसानों के इन कानूनों संबंधी शंकाओं का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।
अपने बधाई संदेश में स्पीकर ने कहा कि त्योहार हमारी समूची सांस्कृतिक विरासत का अटूट अंग हैं, जो आपसी सद्भावना को मजबूत करने के साथ-साथ सहकारिता और भाईचारे को उत्साहित करते हैं। राज्य में शांति, खुशहाली और विकास के लिए प्रार्थना करते हुए राणा केपी सिंह ने कहा कि त्योहारों के जश्न हमारे समाज के समूह वर्गों को आपसी प्यार और हमदर्दी की भावना से जोड़ते हैं।