अकाली शासन के बिजली खरीद समझौतों पर श्वेत पत्र लाएगी सरकार, सीएए को लेकर फैसला आज
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अकालियों द्वारा प्राइवेट कंपनियों के साथ किए विवादित बिजली खरीद समझौतों पर उनकी सरकार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान श्वेत पत्र लाएगी। विधानसभा के दो-दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह श्वेत पत्र पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा पावर प्लांट स्थापित करने के संबंध में किए गए समझौतों से जुड़े सभी दस्तावेजों का खुलासा करेगा।
कैप्टन ने कहा कि अकालियों ने पहले तो बिजली समझौतों समेत विभिन्न विनाशकारी कदमों से राज्य की आर्थिक स्थिति को बर्बाद किया और अब यही संकुचित राजनैतिक हितों के लिए उनकी सरकार के विरुद्ध इस मुद्दे का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने निचली अदालत में इस मामले पर केस जीत लिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके विरुद्ध चला गया।
कैप्टन ने बताया कि जब वह विपक्ष में थे तो खुद इंडिया बुल्ज प्लांट के खिलाफ धरने पर बैठे थे। उस समय की अकाली सरकार ने इंडिया बुल्ज के साथ बिजली प्लांट लगाने के लिए एमओयू करने के लिए नेशनल थर्मल पावर कोर्पोरेशन (एनटीपीसी) का गिदड़बाहा पावर प्रोजेक्ट रद्द कर दिया था और बिजली प्लांट स्थापित करने के लिए वैश्विक टेंडर की तय प्रक्रिया का उल्लंघन कर गिदड़बाहा में किसानों से जबरन जमीन खाली करवाई थी।
Punjab Chief Minister's Office: CM Capt Amarinder Singh has announced that his govt will bring out a White Paper, in monsoon session of state Assembly, to expose fraud committed by Akalis with regard to controversial Power Purchase Agreements (PPAs) with pvt players. (file pic) pic.twitter.com/ghWKKBp7zM
— ANI (@ANI) January 16, 2020
सीएए पर मुख्यमंत्री बोले-कल तक इंतजार करो
यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार भी केरल सरकार की तरह नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) के विरुद्ध प्रस्ताव लाएगी, मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा, ‘‘कल तक इंतजार करो।’’ उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पहले ही अपने फैसले का एलान किया हुआ है कि वह सीएए के साथ-साथ राष्ट्रीय नागिरक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय आबादी रजिस्टर (एनपीआर) के मुद्दे पर सदन की इच्छा के मुताबिक आगे बढ़ेगी।
विपक्ष के वॉकआउट पर जताया दुख
राज्यपाल के भाषण के दौरान विपक्ष द्वारा किए वॉकआउट को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा रवैया अपनाना आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि वॉकआउट की उम्मीद थी लेकिन राज्यपाल द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समागमों पर बोलने के मौके पर आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल द्वारा भाषण में विघ्न डालना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्षों ने उस समय वॉकआउट किया, जब राज्यपाल यह कह रहे थे कि यह खुशकिस्मती है कि पंजाब को गुरु साहिब जी के प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक मौके को मनाने का सौभाग्य मिला है और इसी दौरान ही महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई गई।
बिजली सब्सिडी और सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लिए 370 करोड़ जारी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर वित्त विभाग ने पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को बिजली सब्सिडी के साथ-साथ दिसंबर, 2019 के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन बांटने के लिए 370 करोड़ रुपये जारी किये हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि 370 करोड़ रुपए में से 200 करोड़ रुपए पीएसपीसीएल को कृषि के लिए किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी के एवज में जारी किये गए हैं जबकि 170 करोड़ रुपये दिसंबर, 2019 के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशनों की अदायगी करने के लिए जारी किये गए हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा बुज़ुर्गों, दिव्यांगों, बेसहारा और विधवाओं, आश्रित बच्चों समेत लाभपात्रियों के खातों में पेंशन सीधे तौर पर भेजी जायेगी। उन्होंने बताया कि जारी किये गए फंडों का उद्देश्य लाभपात्रियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशनों की समय पर अदायगी को यकीनी बनाने के अलावा सभी प्रमुख सैक्टरों में विकास की गति को कायम रखना है। मुख्यमंत्री ने अपने पहले आदेश को दोहराते हुए सभी विभागों को फ़ालतू खर्चे घटाकर अपने उचित वित्तीय प्रबंध को यकीनी बनाने के लिए कहा जिससे राज्य की स्थिति को और मज़बूत किया जा सके।