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बढ़ेगी क्षमता ः अब स्टोर रहेगा एक दिन का पानी
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चंडीगढ़। सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स में पानी जमा करने की क्षमता बढ़ाने वाले परियोजना का शुक्रवार को यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ऑनलाइन ही शिलान्यास किया। सेक्टर-39 वाटर वर्क्स में पानी को जमा करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अभी विषम परिस्थितियों में शहर को पेयजल आपूर्ति करने के लिए निगम के पास आधे दिन का पानी जमा हो सकता है।
यूटी प्रशासक ने कहा कि शहर की मूलभूत सुविधाओं में आज एक और बेहतर सुविधा जुड़ने जा रही है। दो साल बाद जब यह परियोजना पूरा हो जाएगी, तब शहर को पेयजलापूर्ति में काफी सहूलियत होगी, लेकिन हमें पानी की बर्बादी से बचना होगा। जब पानी ज्यादा मिलने लगता है तो हम उसे बर्बाद करने लगते हैं। यह सुविधा का दुरुपयोग होता है। नगर निगम व प्रशासन के अधिकारी भी इस योजना को आपसी तालमेल से बेहतर करें ताकि लोगों को पेयजल के लिए कभी समस्या का सामना न करना पड़े।
यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, जब हम लोगों की सुविधा के लिए एक और परियोजना शुरू करने जा रहे हैं। विषम परिस्थितियों में अब लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना होगा। महापौर राजबाला मलिक ने प्रशासक का आभार जताया।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अभी तक पानी के भंडारण की क्षमता 2184 लाख लीटर थी, जो अब बढ़कर 4186 लाख लीटर हो जाएगी। इससे लो प्रेशर के समस्या का भी समाधान हो जाएगा। चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र सिंह ने परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि एचएल हांडा एंड कंपनी को यह निविदा दी है। 34 करोड़ 94 लाख 40 हजार 532 रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दो साल में पूरा किया जाएगा। इस मौके पर वरिष्ठ उपमहापौर रविकांत शर्मा, उपमहापौर जगतार सिंह, पार्षद गुरुबख्श रावत, राजेश कालिया, चंद्रवती शुक्ला, शक्ति प्रकाश देवशाली, मनोनीत पार्षद शिप्रा बंसल, चरणजीव सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संचालन अंशु चांदना ने किया।
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यूटी प्रशासक ने कहा कि शहर की मूलभूत सुविधाओं में आज एक और बेहतर सुविधा जुड़ने जा रही है। दो साल बाद जब यह परियोजना पूरा हो जाएगी, तब शहर को पेयजलापूर्ति में काफी सहूलियत होगी, लेकिन हमें पानी की बर्बादी से बचना होगा। जब पानी ज्यादा मिलने लगता है तो हम उसे बर्बाद करने लगते हैं। यह सुविधा का दुरुपयोग होता है। नगर निगम व प्रशासन के अधिकारी भी इस योजना को आपसी तालमेल से बेहतर करें ताकि लोगों को पेयजल के लिए कभी समस्या का सामना न करना पड़े।
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यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, जब हम लोगों की सुविधा के लिए एक और परियोजना शुरू करने जा रहे हैं। विषम परिस्थितियों में अब लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना होगा। महापौर राजबाला मलिक ने प्रशासक का आभार जताया।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अभी तक पानी के भंडारण की क्षमता 2184 लाख लीटर थी, जो अब बढ़कर 4186 लाख लीटर हो जाएगी। इससे लो प्रेशर के समस्या का भी समाधान हो जाएगा। चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र सिंह ने परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि एचएल हांडा एंड कंपनी को यह निविदा दी है। 34 करोड़ 94 लाख 40 हजार 532 रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दो साल में पूरा किया जाएगा। इस मौके पर वरिष्ठ उपमहापौर रविकांत शर्मा, उपमहापौर जगतार सिंह, पार्षद गुरुबख्श रावत, राजेश कालिया, चंद्रवती शुक्ला, शक्ति प्रकाश देवशाली, मनोनीत पार्षद शिप्रा बंसल, चरणजीव सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संचालन अंशु चांदना ने किया।