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कैप्टन सुनील जेम्स की रिहाई के लिए कैंडल मार्च
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Dec 2013 11:49 PM IST
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पश्चिमी अफ्रीकी देश टोगो की जेल में बंद कैप्टन सुनील जेम्स की रिहाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
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मर्चेंट नेवी आफिसर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम सुखना लेक पर कैंडल मार्च निकालकर भारत सरकार से जल्द से जल्द मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि टोगो में भले ही इंडियन एंबेसी और हाईकमीशन नहीं है, लेकिन फिर भी भारत सरकार दूसरे देश के माध्यम से दबाव बनाकर सुनील की रिहाई को आगे आए।
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एसोसिएशन के प्रधान कैप्टन ललित चंद धरमानी ने बताया कि सुनील के 11 महीने बेटे की मौत हो चुकी है और उसका शव अब भी मुंबई के अस्पताल रखा हुआ है।
परिजन की मांग है कि सुनील ही अपने बेटे के शव को दफनाए। जब तक सुनील वापस नहीं आएगा, तब तक उसके शव को नहीं दफनाया जाएगा।
धरमानी का कहना है कि भले ही कुछ दिनों के लिए सुनील को भारत लाया जाए, ताकि वे अपने बेटे के शव को दफना सके। बाद में अदालत की ओर से कार्रवाई चलती रहेगी।
धरमानी के मुताबिक मुंबई के रहने वाले सुनील जेम्स का यूके बेस्ड एक शिपिंग कंपनी के साथ चार महीने का करार था।
अगस्त में उनकी वापसी होनी थी, लेकिन 16 जुलाई को टोगो की पुलिस ने समुद्री डाकुओं को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार उन्हें कर लिया था। उसके बाद से वे टोगो पुलिस की गिरफ्त में है।
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दो दिसंबर को उसके बेटे की मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में सुनील के परिजन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिल चुके हैं।