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कैप्टन ने ट्रूडो को सौंपी 9 अलगाववादियों की लिस्ट, देखकर कैनेडियन PM बोले...
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:11 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह के ट्रूडो
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके देश में सरगर्म ए श्रेणी के 9 अलगाववादियों की सूची सौंपी। इस पर ट्रूडो ने कैप्टन को विश्वास दिलाया कि उनका देश अलगाववाद का किसी भी तरह का समर्थन नहीं करता है। वे ऐसी ताकतों से सावधान हैं और उनको दरकिनार किया जा चुका है। अमृतसर के एक होटल में दोपहर बाद हुई 40 मिनट की इस बैठक में अलगाववाद ही मुख्य मुद्दा रहा।
कैप्टन ने कनाडा में रह रहे जिन 9 अलगाववादियों की सूची सौंपी है, उन पर पंजाब में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए पैसा और हथियार उपलब्ध कराने, हत्याओं और घृणा अपराध फैलाने में शामिल होने के आरोप हैं। बैठक में कैप्टन ने सूबे का माहौल खराब करने वाले इन असामाजिक तत्वों पर ट्रूडो से सख्त कार्रवाई करने को कहा। इस पर ट्रूडो ने कहा कि उनका देश भारत या कहीं ओर ऐसी किसी अलगाववादी मुहिम का बिलकुल भी समर्थन नहीं करता।
क्यूबिक अलगाववादी लहर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी पूरी जिंदगी इस तरह की चुनौतियों से निपटते आए हैं और वे हिंसा के परिणाम से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने कैप्टन से कहा कि वे उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गौर करेंगे और भारत खासकर पंजाब से निकट संबंध बनाने के लिए हर तरह की कोशिश करेंगे। कैप्टन ने ट्रूडो से कनाडा के कारोबारियों को निवेश करने की तरफ भी कदम उठाने की बात कही। दोनों ने ही संयुक्त प्रोजेक्टों के जरिए सहयोग पर हामी भरी। गौरतलब है कि ट्रूडो के साथ कैप्टन की यह मुलाकात उन अलगाववादी ताकतों को झटका है, जो कनाडा जैसे मुल्कों में रह कर इस तरह की मुहिम को हवा देती हैं।
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सज्जन से पिछले साल मिलने से किया था इंकार, बैठक में मिलाया हाथ
बैठक में कनाडा के रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन एवं सूबे के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। इस दौरान कैप्टन ने सज्जन से हाथ भी मिलाया। एक साल पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वे कनाडा के मंत्रियों की बैठक में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। उनका आरोप था कि कनाडा सिख चरमपंथी समूहों के लिए नरम रुख रखता है। अप्रैल 2017 में सज्जन के पंजाब दौरे के दौरान अमरिंदर ने उनसे मिलने से भी मना कर दिया था और उन्हें तथा पंजाब मूल के अन्य मंत्रियों को ‘खालिस्तानी समर्थक’ कहा था।
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कैप्टन ने कनाडा में रह रहे जिन 9 अलगाववादियों की सूची सौंपी है, उन पर पंजाब में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए पैसा और हथियार उपलब्ध कराने, हत्याओं और घृणा अपराध फैलाने में शामिल होने के आरोप हैं। बैठक में कैप्टन ने सूबे का माहौल खराब करने वाले इन असामाजिक तत्वों पर ट्रूडो से सख्त कार्रवाई करने को कहा। इस पर ट्रूडो ने कहा कि उनका देश भारत या कहीं ओर ऐसी किसी अलगाववादी मुहिम का बिलकुल भी समर्थन नहीं करता।
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क्यूबिक अलगाववादी लहर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी पूरी जिंदगी इस तरह की चुनौतियों से निपटते आए हैं और वे हिंसा के परिणाम से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने कैप्टन से कहा कि वे उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गौर करेंगे और भारत खासकर पंजाब से निकट संबंध बनाने के लिए हर तरह की कोशिश करेंगे। कैप्टन ने ट्रूडो से कनाडा के कारोबारियों को निवेश करने की तरफ भी कदम उठाने की बात कही। दोनों ने ही संयुक्त प्रोजेक्टों के जरिए सहयोग पर हामी भरी। गौरतलब है कि ट्रूडो के साथ कैप्टन की यह मुलाकात उन अलगाववादी ताकतों को झटका है, जो कनाडा जैसे मुल्कों में रह कर इस तरह की मुहिम को हवा देती हैं।
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सज्जन से पिछले साल मिलने से किया था इंकार, बैठक में मिलाया हाथ
बैठक में कनाडा के रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन एवं सूबे के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। इस दौरान कैप्टन ने सज्जन से हाथ भी मिलाया। एक साल पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वे कनाडा के मंत्रियों की बैठक में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। उनका आरोप था कि कनाडा सिख चरमपंथी समूहों के लिए नरम रुख रखता है। अप्रैल 2017 में सज्जन के पंजाब दौरे के दौरान अमरिंदर ने उनसे मिलने से भी मना कर दिया था और उन्हें तथा पंजाब मूल के अन्य मंत्रियों को ‘खालिस्तानी समर्थक’ कहा था।