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कनाडा के ओलंपियन कोच अपनी टीम संग पहुंचे चंडीगढ़, बोले- भारत में प्रोफेशनल कोचों की कमी
Tue, 20 Aug 2019 11:33 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:33 AM IST
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कनाडा के ओलंपिक कोच
- फोटो : अमर उजाला
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भारत में प्रोफेशनल कोचों की कमी है, इसके बावजूद बैडमिंटन का खेल देश में लोकप्रिय हो रहा है। यह कहना है कनाडा ओलंपिक कोच राम नय्यर का। वे सोमवार को सिटी ब्यूटीफुल में अपनी टीम मेंबर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने सेक्टर 38 वेस्ट स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चल रहे बैडमिंटन सेंटर का दौरा किया। यहां पर उन्होंने बैडमिंटन के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखा।
इसके बाद वहां पर उपस्थित युवा खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें बैडमिंटन संबंधी कई टिप्स भी दिए। इस मौके पर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बैडमिंटन के चीफ कोच सुरेंद्र महाजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि कनाडा के कोच अपनी टीम के साथ भारत में बैडमिंटन के खेल को दोनों देशों के बीच बढ़ावा देने के इरादे से आए हैं।
जल्द ही भारत के कुछ खिलाड़ी कनाडा जाएंगे और वहां से कुछ खिलाड़ी भारत का दौरा करेंगे। राम नय्यर चंडीगढ़ में पैदा हुए। उसके बाद उनके पिता उन्हें कनाडा ले गए और अब वह वहीं बस गए। कनाडा के लिए नेशनल लेवल पर खेले और उसके बाद कनाडा के चीफ कोच बने।
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इसके बाद वहां पर उपस्थित युवा खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें बैडमिंटन संबंधी कई टिप्स भी दिए। इस मौके पर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बैडमिंटन के चीफ कोच सुरेंद्र महाजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि कनाडा के कोच अपनी टीम के साथ भारत में बैडमिंटन के खेल को दोनों देशों के बीच बढ़ावा देने के इरादे से आए हैं।
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जल्द ही भारत के कुछ खिलाड़ी कनाडा जाएंगे और वहां से कुछ खिलाड़ी भारत का दौरा करेंगे। राम नय्यर चंडीगढ़ में पैदा हुए। उसके बाद उनके पिता उन्हें कनाडा ले गए और अब वह वहीं बस गए। कनाडा के लिए नेशनल लेवल पर खेले और उसके बाद कनाडा के चीफ कोच बने।
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मेडल से नहीं की जा सकती तुलना
राम नय्यर के मुताबिक इसके कोई शक नहीं कि भारत में बैडमिंटन का खेल काफी लोकप्रिय होता जा रहा है, लेकिन आप इसकी तुलना मेडल से नहीं कर सकते। भारत में इस खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर पिछले कुछ साल से बेहतर हुआ है, लेकिन प्रोफेशनल कोचों की कमी अभी भी यहां पर हैं।
गोपीचंद के बाद देश में खिलाड़ियों की सोच मजबूत
कोच राम नय्यर ने कहा कि वर्ष 2001 के बाद भारत में बैडमिंटन के खेल में काफी बदलाव आया है। खासकर गोपीचंद के नेशनल कोच बनने के बाद खिलाड़ियाें की सोच में मजबूती देखने को मिली है। देश को पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, श्रीकांत जैसे खिलाड़ी उभरे हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भारत की छवि को बदल दिया है।
डाइट को लेकर सचेत
कनाडा के कोच राम नय्यर ने बताया कि भारत में लोग अपनी डाइट को लेकर सचेत नहीं रहते। खिलाड़ियों को हमेशा अपनी डाइट को लेकर सचेत रहना चाहिए। कोचों को अपने खिलाड़ियों के साथ समय-समय पर बैलेंस डाइट को लेकर बात करते रहना चाहिए।
गोपीचंद के बाद देश में खिलाड़ियों की सोच मजबूत
कोच राम नय्यर ने कहा कि वर्ष 2001 के बाद भारत में बैडमिंटन के खेल में काफी बदलाव आया है। खासकर गोपीचंद के नेशनल कोच बनने के बाद खिलाड़ियाें की सोच में मजबूती देखने को मिली है। देश को पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, श्रीकांत जैसे खिलाड़ी उभरे हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भारत की छवि को बदल दिया है।
डाइट को लेकर सचेत
कनाडा के कोच राम नय्यर ने बताया कि भारत में लोग अपनी डाइट को लेकर सचेत नहीं रहते। खिलाड़ियों को हमेशा अपनी डाइट को लेकर सचेत रहना चाहिए। कोचों को अपने खिलाड़ियों के साथ समय-समय पर बैलेंस डाइट को लेकर बात करते रहना चाहिए।