सुखबीर बादल का पुलिस मुख्यालय में औचक ‘छापा’
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पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब पुलिस मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया तो वे हैरान रह गए। अधिकतर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।
डिप्टी सीएम ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देने के साथ ही सुबह 11 बजे तक भी ड्यूटी पर न पहुंचने वालों के खिलाफ 48 घंटे में जांच के निर्देश दिए।
मुख्यालय पहुंचते ही उप मुख्यमंत्री ने अपने साथ आए अधिकारियों से एंट्री रजिस्टर को कब्जे में लेने के आदेश दिए। साथ ही हेडक्वार्टर के सभी प्रवेश द्वार बंद करवा दिए।
एंट्री रजिस्टर के अनुसार, केवल एडीजीपी (इंटेलिजेंस) हरदीप ढिल्लों ही बिल्डिंग में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार जंगवीर सिंह ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि छह अधिकारी समय पर कार्यालय में आ गए थे। बता दें कि इस भवन में करीब 50 पुलिस उच्चाधिकारियों के कार्यालय हैं।
इस टाइम पहुंचे पुलिस अफसर
9.16 बजे : डीआईजी खूबी राम
9.23 बजे : एडीजीपी (ट्रैफिक) आरपी सिंह
9.25 बजे : आईजी (काउंटर इंटेलिजेंस) गौरव यादव
9.26 बजे : एआईजी दिलबाग सिंह
9.28 बजे : आईजी (प्रोविजनिंग) प्रवीण सिन्हा
9.40 बजे : एआईजी आशीष चौधरी
9.51 बजे : एआईजी केबी सिंह
9.58 बजे : एसपी रणवीर सिंह
10.00 बजे : एआईजी स्वर्ण सिंह
10.00 बजे : एआईजी बालियत राठौर
10.05 बजे : एडीजीपी सीएसआर रेड्डी
10.15 बजे : आईजी (आईवीसी) तेजिंदर पाल सिंह
तीन अफसरों ने की पिछले रास्ते से घुसने की कोशिश
प्रवेश द्वार पर संभाला मोर्चा
इससे पहले उप मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय के प्रवेश द्वार के सामने ही मोर्चा संभाल लिया और देरी से आने वाले सभी अधिकारियों को ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कमरे में इंतजार करने को कहा गया। फिर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया और कहा कि समय के बारे में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने डीजीपी सैनी से कहा कि देर से कार्यालय पहुंचने वाले सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए।
डीजीपी सैनी थे डेरा नूरमहल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में
जंगवीर सिंह के अनुसार, डिप्टी सीएम की मुख्यालय में मौजूदगी के वक्त डीजीपी सुमेध सैनी अपने निवास पर डेरा नूरमहल के अनुयायियों के साथ बैठक कर रहे थे। इसके तुरंत बाद वह भी मुख्यालय पहुंचे। एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) दिनकर गुप्ता भी जल्द ही पहुंच गए।